सहायक अध्यापक बने शिक्षामित्रों को पूरा वेतन मिलेगा, वह भी एरियर के साथ। शासन ने मंगलवार देर शाम इसका आदेश जारी कर दिया।
साफ है कि हाईकोर्ट के आदेश से जितने दिनों की तनख्वाह रोकी गई थी, उसे भी जारी कर दिया जाएगा। इससे एक लाख 32 हजार 442 शिक्षामित्रों को लाभ मिलेगा। बेसिक शिक्षा सचिव आशीष गोयल ने मंगलववार को इस संबंध में आदेश जारी किया।
एक साथ 5 माह का वेतन
समायोजित शिक्षामित्रों को अगस्त से वेतन नहीं दिया गया है। अब उन्हें दो जनवरी को पूरे वेतन का भुगतान किया जाएगा। इस तरह से उनके खातों में एक साथ पांच महीने का वेतन आएगा।
शिक्षामित्रों में खुशी का माहौल- बोले यह नए साल का तोहफा
सहायक अध्यापक पद पर समायोजित शिक्षामित्रों को पूरा वेतन दिए जाने के फैसले से शिक्षामित्रों में खुशी का माहौल है। उन्होंने इसे नए साल का तोहफा बताया है।
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र शाही और प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के अध्यक्ष गाजी इमाम आला ने शिक्षामित्रों को राहत देने के लिए राज्य सरकार का आभार जताया। दोनों नेताओं ने कहा कि इस फैसले से प्राथमिक विद्यालयों में पठन-पाठन की स्थिति सुधरेगी।
प्रदेश में 1 लाख 32 हजार 442 शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया गया है। राज्य सरकार के इस फैसले को कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। इस पर 12 सितंबर 2015 को हाईकोर्ट ने सभी शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया।
1.32 लाख से ज्यादा शिक्षामित्रों को होगा लाभ
समायोजन रद्द होने के बाद शासन ने उन्हें वेतन न देने का फैसला किया। इसके खिलाफ राज्य सरकार के अलावा शिक्षामित्रों और उनके संगठनों ने भी सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दे दिया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अध्ययन करने के बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने उन्हें वेतन देने की संस्तुति शासन से की।
इस पर प्राथमिक शिक्षामंत्री अहमद हसन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अध्ययन के बाद हमने समायोजित शिक्षामित्रों के हित में फैसला किया।
इससे 1.32 लाख से ज्यादा सहायक अध्यापक बने शिक्षामित्रों को लाभ होगा। उन्हें पिछले महीनों के रुके वेतन का भुगतान करने का आदेश भी दिया गया है।