उन्होंने बताया कि डिफेंस एवं एयरोस्पेस, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स, डाटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मास्युटिकल उद्योग जैसे सेक्टर अब राज्य में निवेश के नए केंद्र हैं। दादरी में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और बोडाकी में ट्रांसपोर्ट हब, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को उत्तरी भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करेंगे।
उन्होंने कहा कि जेवर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के साथ ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे के पास का क्षेत्र एक आकर्षक निवेश मंजिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति (2017) के साथ 20 से अधिक क्षेत्र-विशिष्ट निवेशोन्मुखी नीतियों के पारदर्शी कार्यान्वयन से राज्य सरकार रोजगार सृजन के लिए निवेश और 'मेक इन यूपी' को बढ़ावा दे रही है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में विकसित की जा रही डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इससे 'मेक इन इंडिया डिफेंस' के लिए राज्य में विद्यमान विशाल एमएसएमई आधार को लाभ मिलेगा। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में 50,000 करोड़ रुपये के निवेश की सम्भावना है।
नए निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश में 20,000 एकड़ का एक लैंड बैंक तैयार है। इसके अलावा, राज्य सरकार एक व्यापक लैंड बैंक पॉलिसी की योजना बना रही है, जिसमें लैंड लीजिंग, लैंड पूलिंग, एक्सप्रेस-वे के किनारे तेजी से अधिग्रहण, अतिरिक्त भूमि की सब-लीजिंग आदि विषय सम्मिलित होंगे। उन्होंने निवेशकों से कहा कि उत्तर प्रदेश आपकी निवेश योजनाओं सीएसआर गतिविधियों, नवाचार (इनोवेशन) और उद्यमशीलता का सहयोग चाहता है।
प्रदेश अतिशीघ्र घोषित करेगा अपनी फार्मा नीति, और डाटा नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि गैर-आईटी आधारित स्टार्ट-अप को भी प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्ट-अप नीति के दायरे का विस्तार करते हुए उत्तर प्रदेश स्टार्ट-अप नीति-2020 तथा उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफक्चरिंग नीति-2020 जैसी नई नीतियों की घोषणा भी की गई है। इसके अलावा, डाटा सेंटर नीति, फार्मा और नई खाद्य प्रसंस्करण नीति भी शीघ्र घोषित की जाने वाली है।