लखनऊ। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रो. मनोज मिश्रा ने कहा कि जो संस्कृत और संस्कार से युक्त है, वही मनीषी है। पृथ्वी पर संस्कार तत्व से ही जल बचेगा। वह बृहस्पतिवार को लखनऊ विवि के प्राकृत एवं संस्कृत भाषा विभाग में वैदिक संस्कार की उपयोगिता विषय पर तीन दिवसीय सेमिनार के समापन पर बोल रहे थे।
डीन प्रो. संगीता साहू ने कहा कि स्वयं में लगातार सुधार करने से ही संस्कार उत्तम होगे। प्रो. राजेश्वर मिश्रा, डॉ. अशोक शतपथी, गौरव सिंह, डॉ. भुवनेश्वरी भारद्वाज, डॉ. शोभा राम दुबे, डॉ. अनुज कुमार आदि उपस्थित रहे।