इंडियन बायोगैस एसोसिएशन के पदाधिकारी गौरव केड़िया ने बताया कि देश में जिन क्षेत्रों में जैव ऊर्जा व ईंधन बनाने के लिए पूरा मॉडल उपलब्ध है, उनके विषय में एसोसिएशन के सहयोग से विकसित मोबाइल एप्लीकेशन में जानकारी दी गई है। इस प्रकार के प्रोजेक्ट की सफलता के लिए कचरे और बेकार की जैविक वस्तुओं सप्लाई पूरे समय होना जरूरी है।
मूंगफली के छिलके 120, सरसों के डंठल 150 रुपये क्विंटल
बायो ऊर्जा के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे उद्यमी कर्नल सुरेश रेगे, महेश रेड्डी और संदीप दवे ने बताया कि आज भी नए प्रोजेक्ट को स्थापित होने के बाद सप्लाई एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके बिना पूरे उद्योग पर संकट पैदा हो सकता है। जैव ऊर्जा से किसानों के फायदे पर कहा कि मूंगफली के छिलके 120 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों के डंठल 150 रुपये क्विंटल में मिल रहे हैं। इन्हें फसल काटने के दौरान ही इन उद्योगों की जरूरत के अनुसार ढाल दिया जाता है।