ऐप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में 96 दिनों बाद आरोपी सिपाही संदीप कुमार को बृहस्पतिवार को जेल से रिहा कर दिया गया। संदीप के पिता सत्येंद्र सिंह बोले कि मुझे ईश्वर पर पूरा भरोसा था कि बेटा निर्दोष साबित होगा।
संदीप ने कहा कि वह अधिकारियों से मिलकर एक हल्के में एक ही सिपाही की ड्यूटी लगाये जाने की मांग करेगा। ताकि किसी निर्दोष को परेशानी न उठानी पड़े। इस घटना में उसका दोष सिर्फ इतना था कि ड्यूटी लगने पर वह प्रशांत के साथ बाइक पर पीछे बैठ कर गश्त कर रहा था। तीस सेकंड में घटना हो गई जो वह समझ ही नहीं पाया।
जेल से छूटने के बाद संदीप ने बताया कि 2016 में नौकरी में आने के बाद उसकी तैनाती गोमतीनगर में हुई थी। अधिकारियों से आग्रह कर वह रेलवे ट्रैक की ड्यूटी करने लगा। रात 12 बजे से लेकर सुबह पांच बजे ड्यूटी कर दिन में पढ़ाई करता था।
उसने उपनिरीक्षक की परीक्षा पास कर इंटरव्यू दिया था। संदीप ने कहा कि जब उसने चश्मदीद गवाह सना को डंडा मारा तो उसे विवेक की हत्या में जेल क्यों? इसी तरह के कई सवाल उसके मन में उठ रहे थे। संदीप ने पूरे प्रकरण में अपनी किस्मत को दोषी ठहराया।