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अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट में सामने आया एक और घोटाला

Sun, 18 Jun 2017 05:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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अखिलेश यादव
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गोमती रिवर फ्रंट परियोजना के विजन डॉक्युमेंट तैयार करने में भी करोड़ों का घपला सामने आया है। न्यायिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि मनमाने ढंग से मूल क्षेत्रफल को चार गुना और लागत को दोगुना कर दिया गया। इसके लिए मुख्य अभियंता एसएन शर्मा और अधिशासी अभियंता रूप सिंह यादव को जिम्मेदार ठहराया गया है।
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विजन डॉक्युमेंट के लिए टेंडर 9 अप्रैल 2015 को मांगे गए थे और इन्हें 25 अप्रैल 2015 को खोला गया। प्रारंभ में 3.63 करोड़ रुपये का टेंडर स्वीकार किया गया। इसका कार्यक्षेत्र 7 हेक्टेयर था, जिसमें नदी के 14 किमी तक दोनों ओर मास्टर प्लान डिटेल डिजाइन का काम होना था। 

इसके लिए एनार्च कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड नोएडा और एइकाम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड गुड़गांव ने टेंडर डाला। यह काम एइकाम को सौंपा गया। टेंडर स्वीकार करने के बाद कार्यक्षेत्र का क्षेत्रफल बढ़ाकर 31.2 हेक्टेयर कर दिया गया। इसी तरह से मूल धनराशि 3.63 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 6.85 करोड़ रुपये कर दी गई।
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न्यायिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि इस काम में पारदर्शिता के सिद्धांत का पालन नहीं किया गया। बिना शुद्धिपत्र और दूसरा या तीसरा टेंडर निकाले बिना मूल क्षेत्रफल को चार गुणना और लागत को दोगना कर दिया गया। 

प्रस्ताव अधिशाषी अभियंता रूप सिंह यादव का था और अनुमोदन मुख्य अभियंता एसएन शर्मा ने किया। न्यायिक जांच समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि शुरुआत में या पुनरीक्षित परियोजना में विजन डाक्युमेंट के लिए कोई भी बजट नहीं रखा गया था। 

लेकिन, अभिलेखों से पता चलता है कि 6.85 करोड़ रुपये में से 4.24 करोड़ रुपये का भुगतान परियोजना के लिए मिले बजट से किया गया, जबकि शेष धनराशि परियोजना के इतर उपलब्ध अन्य बजटों से किया गया।
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