विधान परिषद की 35 सीटों पर प्रस्तावित चुनाव अब वक्त पर होना मुमकिन नहीं है। नियमानुसार स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र की इन सीटों के लिए चुनाव की प्रक्रिया अब तक शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन पंचायत चुनाव की लेटलतीफी के चलते ये चुनाव आगे खिसकाने पड़ेंगे।
सूबे के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से केंद्रीय निर्वाचन आयोग को भेजी ताजा रिपोर्ट में चुनाव आगे खिसकाने की मजबूरी जाहिर की गई है।
विधान परिषद की 35 सीटों के सदस्यों का कार्यकाल 15 जनवरी 2016 को खत्म होगा। इस चुनाव में नगरीय निकायों के साथ ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य मतदाता होते हैं। प्रदेश में ग्राम प्रधानों के चुनाव चल रहे हैं। इनके मतों की गिनती 12 दिसंबर से शुरू होगी।
13 दिसंबर तक पूरे नतीजे आ पाएंगे। चुनाव आयोग को नई वोटर लिस्ट बनाने से लेकर चुनावी प्रक्रिया पूरी करने के लिए कम से कम 34 दिन चाहिए। प्रधानी के चुनाव में देरी के कारण आयोग को यह न्यूनतम समय नहीं मिल रहा। इस बीच क्रिसमस जैसे सार्वजनिक अवकाश भी हैं। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया 15 जनवरी तक पूरी करना संभव नहीं होगा।
चुनाव के लिए न्यूनतम वक्त
•10 दिन वोटर लिस्ट बनाने के लिए।
•10 दिन नामांकन, स्क्रूटनी और नाम वापसी के लिए।
•14 दिन प्रत्याशियों को प्रचार के लिए।