विधानभवन के सामने मुख्य मार्ग बंद होने से राहगीर परेशान हैं। लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है वहीं, जाम में फंसकर रोज कइयों की ट्रेन भी छूट रही है।
लेकिन समस्या के निदान के लिए कोई भी जिम्मेदार अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। सिर्फ ऊपर से आदेश का हवाला देकर किनारा कर रहे हैं।
विधानभवन के सामने का रास्ता रात 10 बजे से सुबह 8 बजे तक बंद रहता है। जिसके कारण राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
रात को 10 से 11.30 बजे तक विधानभवन के पिछले हिस्से के रास्ते पर लोगों को भीषण जाम से जूझना पड़ता है।
संजयगांधी पुरम निवासी पृथ्वी सिंह बुधवार रात को जाम में फंस गए। पृथ्वी सिंह अपने रिश्तेदार को चारबाग स्टेशन छोड़ने गए थे। मुख्य मार्ग बंद होने से दिक्कत हुई।
सुरक्षा जरूरी है, लेकिन जिम्मेदारों को आम जनता की परेशानी के बारे में भी सोचना चाहिए। ऐसे ही जानकीपुरम के अभिनव श्रीवास्तव अपने रिश्तेदार के कृष्णानगर स्थित घर गए थे।
वापसी में जाम में फंस गए। उन्होंने कहा कि रात को यातायात का दबाव कम होता है। ऐसे में पुलिस व प्रशासन चाहे तो विधानभवन के सामने आधे रास्ते को बंद कर सकती है।
आधे रास्ते से ट्रैफिक दौड़ सकता है। लोगों को दिक्कतें हो रही है। इसकी समीक्षा जरूरी है।
उधर, त्रिवेणीनगर के आशु की लालबाग में दुकान है। वह रोज रात को 10 बजे दुकान बंद कर निकलते हैं।
विधान भवन मुख्य मार्ग पर बैरिकेडिंग होने से वैकल्पिक मार्ग पर जाम में जूझना पड़ता है। इसके बारे में जिम्मेदारों को विचार करना चाहिए
सुरक्षा सिर्फ रात में ही
गोमतीनगर निवासी प्रॉपर्टी डीलर विक्की सिंह ने कहा कि विधानभवन की सुरक्षा की चिंता है तो सिर्फ सामने के रास्ते को ही क्यों बंद किया गया? पिछले रास्तों से कोई अराजकता नहीं की जा सकती है? या कोई अराजक तत्व नहीं प्रवेश कर सकता है? जिसे अराजकता करनी है वह रात में ही क्यों करेगा। दिन में उसे देखने वालों की संख्या भी ज्यादा होगी। रात में विधान भवन के सामने का रास्ता बंद करना सुरक्षा को पुख्ता नहीं करता है। यह सिर्फ परेशानी बढ़ा रही है। इस पर शासन के जिम्मेदारों को गहनता से सोचना चाहिए।