लखनऊ। गोमा तट स्थित पंडित गोविंद वल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में उत्तराखंड के लोक कलाकारों ने बुधवार को पर्वतीय संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरी। सांस्कृतिक मंच पर विविध रंगारंग प्रस्तुतियों संग प्रतियोगिताओं ने महोत्सव में आए लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित छोलिया दल के कलाकारों ने समा बांध दिया।
महोत्सव के दूसरे दिन अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पंत नगर सांस्कृतिक समिति के कलाकारों ने अपने नृत्य व गायन से महोत्सव को जीवंत कर दिया। वहीं, लीला देवी के नेतृत्व में राजस्थान से आए कलाकारों ने बैठकर तेरह तल्ली नृत्य व चरी नृत्य कर लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।
उत्तराखंड के द्वारहाट से आए मनोज अधिकारी ने अपने लोकगीतों से अवध की सुनहरी शाम को सुरमयी कर दिया। पिंकी नौटियाल के नेतृत्व में उनके दल ने कुमाऊंनी व गढ़वाली लोकगीतों पर सामूहिक नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। वहीं, रौनी सिंह के दल ने नृत्य नाटिका द्रौपदी प्रस्तुत कर तालियां बटोरीं। इस अवसर पर उत्तराखंड महापरिषद के संयोजक दीवान सिंह अधिकारी, अध्यक्ष हरीश चंद पंत, महासचिव भरत सिंह बिष्ट, सचिव राजेश बिष्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंगल सिंह रावत, मीडिया प्रभारी राजेंद्र सिंह कनवाल उपस्थित रहे।
महोत्सव लोक कलाकारों के लिए वृहद मंच : अपर मुख्य सचिव
मुख्य अतिथि अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने उत्तराखंड महापरिषद के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे महोत्सव लोक कलाकारों को वृहद मंच उपलब्ध कराते हैं। जिसके माध्यम से लोक कलाकार लोक संस्कृति के संदेशवाहक बनकर अपनी परंपराओं और धरोहरों का प्रचार प्रसार व संवर्धन करते हैं।
एकल नृत्य में जाह्नवी अव्वल
एकल नृत्य प्रतियोगिता में 50 से अधिक लोगों ने प्रस्तुतियां दीं। इसमें जाह्नवी बिष्ट प्रथम, निहारिका कश्यप द्वितीय व कनिष्का बिष्ट ने तृतीय स्थान हासिल किया। इसके अलावा सांत्वना पुरस्कारों का भी वितरण हुआ।