बाबा जयगुरुदेव के महामानव संगम में मची भगदड़
प्रदेश सरकार ने वाराणसी में जयगुरुदेव के समागम में भगदड़ से हुई मौतों को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वाराणसी के कमिश्नर को इस घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। इसमें दोषी अधिकारियों को चिह्नित कर कार्रवाई करने के लिए कहा है।
सीएम ने घटना में मारे गए लोगों के परिवारीजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने घायलों का मुफ्त इलाज कराने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को घटनास्थल भेजा है।
मुख्यमंत्री ने वाराणसी में भगदड़ के दौरान हुई मौतों पर दुख व्यक्त करते हुए मारे गए लोगों के परिवारीजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। वहीं, इस घटना की सूचना मिलते ही सरकार ने सबसे पहले एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी व सचिव गृह एसके रघुवंशी को तत्काल विशेष विमान से घटना स्थल रवाना किया।
प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को घटना स्थल पर जाने का दिया आदेश
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पंडा व डीजीपी जावीद अहमद को भी घटना स्थल पर जाने के निर्देश दिए। दोनों ही अफसर शनिवार को दिल्ली में एक मीटिंग में हिस्सा लेने गए थे। शाम को मीटिंग निपटाने के बाद दोनों अफसर दिल्ली से सीधे वाराणसी चले गए।
एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने कहा कि यह बड़ी घटना है। इसकी जांच की जाएगी। फिलहाल जो पता चला है उसके अनुसार आयोजकों ने जिस संख्या को बताकर कार्यक्रम की अनुमति ली थी, उससे कई गुना ज्यादा भीड़ एकत्र हो गई थी।
इस कारण वहां अव्यवस्था हो गई। वहां गर्मी बहुत थी, साथ ही जिस रास्ते से लोग जा रहे थे वह भी काफी संकरा था। इस कारण वहां भगदड़ मची।
पीड़ितों को मिलेगा समाजवादी किसान व सर्वहित बीमा योजना का लाभ
अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वाराणसी घटना के पीड़ितों को समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के तहत भी लाभ देने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत पात्र मृतक व्यक्ति के आश्रित को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता अलग से मिलेगी, जबकि पात्र घायल व्यक्तियों को इलाज के लिए 2.50 लाख रुपये मिलेंगे।
बीमा योजना के तहत पात्रों को जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग लगवाने के लिए एक-एक लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
शासन को हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट का इंतजार : मुख्य सचिव
मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने बताया कि मौके पर भेजे गए प्रमुख सचिव गृह व पुलिस महानिदेशक तथा कमिश्नर वाराणसी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इन अधिकारियों की रिपोर्ट में यदि कोई जिम्मेदार पाया जाता है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रारंभिक रिपोर्ट रविवार को मिलने की संभावना है। भटनागर ने बताया कि वह घटना के बाद से ही मंडलायुक्त वाराणसी व वहां के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के संपर्क में हैं। शासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में भगदड़ की प्रमुख घटनाएं
लखनऊ, नौ अक्तूबर 2016, बसपा रैली : बसपा की ओर से राजधानी के कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित रैली में मची भगदड़ में दो महिलाएं मारी गईं। इस हादसे में 13 अन्य लोग भी घायल हुए थे। भगदड़ की वजह बसपा की रैली खत्म होने के दौरान बाहर निकलने और मायावती को देखने की जल्दी बताई गई। उस समय मायावती रैली समाप्त कर जा रही थीं।
बदायूं, 22 नवंबर 2014, मुलायम सिंह यादव का जन्मदिन : बदायूं में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के 75वें जन्मदिन के कार्यक्रम में भी भगदड़ मची। यहां एक महिला की मौत हुई। बताया जाता है कि सपा सांसद धर्मेंद्र यादव द्वारा कंबल बांटने के दौरान यह भगदड़ मची।
इलाहाबाद, 11 फरवरी 2013, कुंभ मेला और रेलवे पुल: कुंभ मेले में आए श्रद्धालुओं के बीच इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 36 नागरिकों की मौत हो गई थी। ये श्रद्धालु स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने के लिए फुट ओवरब्रिज से गुजर रहे थे। इसी दौरान घोषणा हुई कि ट्रेन का प्लेटफॉर्म बदल दिया गया है और भगदड़ मच गई। कुछ श्रद्धालु पुल से नीचे जा गिरे। यहां भी मरने वालों में सर्वाधिक महिलाएं ही थीं।
बड़ी संख्या मे हुईं मौतें
हादसे में जान गंवाने वालों के शव
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प्रतापगढ़, 4 मार्च 2014, रामजानकी मंदिर : प्रतापगढ़ के रामजानकी मंदिर में कृपालु महाराज की पत्नी के निर्वाण दिवस पर भोजन और वस्त्र वितरण का कार्यक्रम था। इसी दौरान मंदिर में बनाई जा रही एक दीवार और गेट ढह गए और भक्तों में भगदड़ मच गई। इस घटना में 63 लोगों की मौत हुई। 100 से अधिक लोग बुरी तरह घायल हुए, जिनमें कई उम्रभर के लिए अपाहिज हो गए।
लखनऊ, 12 अप्रैल 2004, लालजी टंडन का जन्मदिन : भाजपा नेता लालजी टंडन के 70वें जन्मदिवस पर राजधानी के महानगर स्थित पार्क में आयोजित कार्यक्रम में साड़ियां बांटी जा रही थीं। इन्हें लेने के लिए मंच के सामने धक्कामुक्की शुरू हुई जो तुरंत ही भगदड़ में बदल गई। इस दौरान 21 लोगों की जान गई।
लखनऊ, 28 सितंबर 2002, बसपा की रैली : राजधानी के चारबाग रेलवे स्टेशन पर मची इस भगदड़ में बसपा के 16 कार्यकर्ताओं की कुचलकर मौत हुई थी। इन सभी कार्यकर्ताओं में उस समय भगदड़ मची, जब एक महिला पैदल पुल पर फिसल कर गिर गई।
मुलायम, शिवपाल ने कहा, हादसा दुर्भाग्यपूर्ण
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने वाराणसी के हादसे को दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने बाबा जय गुरुदेव के अनुयायियों के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।
वाराणसी हादसे पर मायावती दु:खी
बसपा सुप्रीमो मायावती ने वाराणसी में जय गुरुदेव के एक कार्यक्रम के दौरान भगदड़ से मौत व लोगों के घायल होने पर गहरा दुख जताया है।
मायावती ने जारी एक बयान में कहा कि प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह इस प्रकार के आयोजनों के दौरान पुलिस की बेहतर व्यवस्था व उचित प्रबंध करें, ताकि इस तरह के हादसे न हो सकें।
मौतों के लिए सरकार व प्रशासन जिम्मेदार : भाजपा
केशव प्रसाद मौर्या
भाजपा ने वाराणसी में भगदड़ से हुई मौतों पर शोक संवेदना व्यक्त की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने इन मौतों के लिए प्रदेश सरकार व स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
मौर्य ने कहा कि सपा सरकार आपसी कलह, फूट और निर्णयहीनता की शिकार है। सरकार नाम की कोई चीज नहीं है।
अनिर्णय ही सपा सरकार की मेरिट है। इसी कारण प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी दिग्भ्रमित है। प्रशासन भी सरकार की ही तरह निर्णयहीनता का शिकार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ को व्यवस्थित करने की समुचित व्यवस्था नहीं थी। खुफिया सूचना तंत्र भी कोई जानकारी नहीं जुटा पाया। इस नाते अव्यवस्था हुई और भगदड़ मच गई। इन मौतों के लिए प्रशासन और सरकार जिम्मेदार है।