योजना में लाभार्थियों के आधार कार्ड सीडिंग, आवास चयन करने, प्रथम-द्वितीय-तृतीय किस्त जारी करने और आवास निर्माण सहित ओवरऑल प्रदर्शन में भी यूपी 84.12 प्रतिशत लक्ष्य अर्जित कर प्रथम स्थान पर है।
82.38 प्रतिशत के साथ छत्तीसगढ़ दूसरे और 81.57 प्रतिशत के साथ मध्यप्रदेश तीसरे स्थान पर रहा। गौरतलब है कि गत वर्ष मार्च में यूपी टॉप 10 राज्यों की सूची में भी शामिल नहीं था।
प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में सरकार की सख्ती का असर दिखा है। ग्राम्य विकास मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव और आयुक्त पार्थसारथी सेन शर्मा ने लगातार समीक्षा की। पिछले दिनों एक दर्जन से अधिक अफसरों पर निलंबन और विभागीय कार्रवाई की गई।
भाजपा शासित राज्य भी फिसड्डी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना में भाजपा और एनडीए शासित राज्य भी फिसड्डी रहे हैं। हरियाणा में 12 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 22 प्रतिशत, गुजरात में 24 प्रतिशत, झारखंड में 28 और राजस्थान में 34 प्रतिशत घर बनाए गए हैं। गोवा में शून्य तो बिहार और जम्मू-कश्मीर में मात्र एक प्रतिशत मकान बने हैं।
ग्राम्य विकास आयुक्त पार्थसारथी सेन शर्मा ने बताया कि मार्च 2019 तक प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सभी को आवास उपलब्ध करा दिए जाएंगे। यूपी सरकार ने केंद्र से 2018-19 में 11 लाख आवास स्वीकृत करने का आग्रह किया है। यूपी के प्रदर्शन को देखते हुए देश में सर्वाधिक आवास प्रदेश को स्वीकृत होने की उम्मीद है।