यूपी कैबिनेट ने पूर्व सीएम अखिलेश यादव के शासनकाल में यूपी लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में हुई सभी भर्तियों की सीबीआई जांच कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
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सूत्रों ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कार्मिक विभाग ने एक मार्च 2012 से 31 मार्च 2017 के बीच यूपीपीएससी से हुई सभी भर्तियों की सीबीआई जांच कराने का प्रस्ताव रखा। कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी।
प्रदेश सरकार जल्दी ही केंद्र सरकार को सीबीआई जांच का प्रस्ताव भेज देगी। बता दें कि मुख्यमंत्री विधानसभा में बीती 19 जुलाई को 2017-18 के आम बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सपा शासन में यूपीपीएससी की भर्तियों में हुई धांधलियों का हवाला देते हुए सीबीआई जांच का एलान पहले ही कर दिया था।
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जांच और भर्ती साथ-साथ चलती रहेगी
सूत्रों ने बताया कि सरकार सीबीआई जांच की वजह से लोक सेवा आयोग की भर्तियों को प्रभावित नहीं होना देना चाहती है। इसीलिए एक ओर आयोग की पूर्व की भर्तियों की सीबीआई जांच का फैसला किया गया, तो दूसरी ओर ठप भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की इजाजत भी दी गई है।
कोल्ड स्टोरेज के निर्माण के लिए मिलेगी 50 फीसदी सब्सिडी
- फोटो : amar ujala
प्रदेश के आलू उत्पादक क्षेत्रों में कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए तैयार की गई प्रोत्साहन नीति को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने पर केंद्र से मिलने वाली 35 फीसदी सब्सिडी के अलावा 15 फीसदी सब्सिडी राज्य सरकार भी देगी। इसका लाभ उन्हीं जिलों को मिलेगा, जहां आलू का उत्पादन अधिक है, पर भंडारण क्षमता उससे कम है।
प्रदेश में ऐसे 27 जिले हैं, जहां आलू का उत्पादन अधिक है और भंडारण क्षमता उससे कहीं कम है। कोल्ड स्टोरेज की स्थापना के लिए प्रोत्साहन नीति के तहत इन 27 जिलों के उन 58 विकास खंडों में कोल्ड स्टोरेज के निर्माण के लिए सब्सिडी दी जाएगी। नेशनल हॉर्टीकल्चर मिशन के तहत कोल्ड स्टोरेज की स्थापना के लिए केंद्र सरकार 35 फीसदी सब्सिडी देती है। एक कोल्ड स्टोरेज की लागत 4 करोड़ मानी गई है। इस तरह से 1.40 करोड़ रुपये की सब्सिडी केंद्र देती है, वहीं अब 60 लाख रुपये की सब्सिडी राज्य सरकार भी देगी।
प्रोत्साहन नीति के तहत योजना में चयनित प्रत्येक विकास खंड में केवल एक कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने के लिए ही राज्य सरकार अपनी ओर से सब्सिडी देगी। मतलब, अधिकतम 58 कोल्ड स्टोरेज की स्थापना के लिए सब्सिडी दी जाएगी।
जीएसटी से संबंधित नोटिफिकेशन मंजूर
एक जुलाई से प्रभावी जीएसटी के मद्देनजर वाणिज्यकर विभाग की ओर से 30 जून को जारी सभी नोटिफिकेशन को कैबिनेट ने कार्येत्तर मंजूरी दे दी है। दरअसल, जीएसटी लागू होने के मद्देनजर राज्य स्तर पर कई नियमों के साथ ही करों का दर निर्धारण, करों में छूट देने व सर्विस टैक्स के निर्धारण समेत करीब डेढ़ दर्जन मामलों में नोटिफिकेशन जारी किया जाना था।
लिहाजा कैबिनेट ने इसके लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत करते हुए कहा था कि तात्कालिक जरूरत को देखते हुए जो भी नोटिफिकेशन जारी होने हैं, वह मुख्यमंत्री के अनुमोदन से ही जारी किए जाएंगे। कैबिनेट से इस निर्णय के बाद विभाग ने 30 जून की रात को कई नोटिफिकेशन जारी किए थे।
किसानों को जिप्सम खरीद पर मिलेगी 75 फीसदी सब्सिडी
कैबिनेट ने किसानों को जिप्सम पर मिलने वाली 75 फीसदी सब्सिडी को अगले पांच साल के लिए बढ़ा दिया है। ऊसर भूमि सुधार और नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन समेत कई योजनाओं में जिप्सम पर सरकार सब्सिडी देती है। 50 फीसदी सब्सिडी केंद्र और 25 फीसदी राज्य सरकार देती है। यहां बता दें कि जिप्सम का मौजूदा बाजार भाव 5140 रुपये प्रति मीट्रिक टन है। मृदा परीक्षण के आधार पर किसी भी जमीन में जिप्सम की निश्चित मात्रा की संस्तुति की जाती है। मिट्टी का पीएच मान जितना बढ़ता जाता है, उतनी ही अधिक जिप्सम की जरूरत होती है।
खनन पट्टों के आवंटन में भ्रष्टाचार रोकने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में अब सभी खनिज पदार्र्थों के खनन पट्टे ई ऑक्शन के जरिए नीलाम किए जाएंगे।
सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में खनन पट्टे का ई ऑक्शन और ई टेंडर केंद्रीय स्टील मंत्रालय के मिनरल स्टील ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन से कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने सबसे पहले बालू-मिट्टी के खनन पट्टों की नीलामी की कवायद शुरू कर दी है।