लखनऊ। एरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अब्बास अली मेहंदी के मुताबिक रसायन का अंधाधुंध इस्तेमाल भी डायबिटीज की समस्या पैदा कर रहा है। वह मेडिसिन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।
मुख्य वक्ता एसीपी इंडिया के डॉ. अनुज महेश्वरी और इंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. अरुण पांडेय ने कहा, देश में अब भी काफी ऐसे मरीज हैं जिनकी जांच नहीं हो पाई है। मौके पर मेडिसिन विभाग के एचओडी प्रो. वैभव शुक्ला और प्रो. जलीज फतिमा थे। डॉ. अरुण ने बताया कि टाइप-2 डायबिटीज पीड़ितों को लगातार इंसुलिन की तय डोज नहीं देनी चाहिए। समय-समय पर डायबिटीज की जांच कराए और इसके आधार पर डोज तय करें।