फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपीपीजीएमई: अब इस तरह से होंगे मेडिकल पीजी में दाखिले

Fri, 27 May 2016 02:44 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
विज्ञापन
डेमो
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एग्जामिनेशन (यूपीपीजीएमई) के मामले में प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने पीएमएस डॉक्टरों को वेटेज देकर नई मेरिट लिस्ट बनाकर दाखिला देने के अपने निर्णय को बदलने से इनकार कर दिया है। 
विज्ञापन


अब सरकार को नई मेरिट बनाकर पीजी की सीटों पर दाखिला नए सिरे से देना होगा। साथ ही पहली काउंसिलिंग में हो चुके एमडी व एमएस के 341 दाखिले भी निरस्त करने होंगे।

अभी तक पीएमएस संवर्ग के ग्रामीण इलाकों में कार्यरत डॉक्टरों को सरकार क्लीनिकल के एमडी व एमएस में दाखिले में वरीयता देती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में पीएमएस सेवाओं को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश सरकार ने 2014 में एक शासनादेश किया था। 
विज्ञापन


इसके तहत क्लीनिकल के एमडी व एमएस के स्टेट कोटा की 30 फीसदी सीटें इनके लिए रिजर्व की गई थीं। इस कोटे पर आपत्ति जताते हुए कुछ लोग पहले हाईकोर्ट चले गए थे। 

चिकित्सा शिक्षा विभाग भी था इस वेटेज के खिलाफ

डेमो
हाईकोर्ट ने यह कोटा ही निरस्त कर दिया था। इसी के बाद पीएमएस डॉक्टर व स्वास्थ्य विभाग सुप्रीम कोर्ट गए। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 12 मई 2016 को नए दिशा-निर्देश दे दिए। 

इसके तहत ग्रामीण इलाकों काम करने वाले पीएमएस डॉक्टरों को 10 से लेकर 30 प्रतिशत तक वेटेज देकर मेरिट बनाने के निर्देश दिए। 

इसमें एक साल ग्रामीण इलाके में काम करने वाले पीएमएस डॉक्टर को 10 प्रतिशत,दो साल काम करने वालों को 20 प्रतिशत व तीन साल काम करने वालों को 30 प्रतिशत वेटेज दिया जाए। 

यानी उन्हें जितने नंबर मिले हैं उसमें 10, 20 व 30 नंबर बढ़ाकर नई मेरिट बनाई जाए। इसी निर्णय के खिलाफ पहली काउंसिलिंग में एडमिशन पा चुके फेशर्स डॉक्टर व चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका की थी।

इसमें चिकित्सा शिक्षा विभाग भी इस वेटेज के खिलाफ था। इसने भी कोर्ट में अपना पक्षा रखा। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को अपने 12 मई 2016 के निर्णय को पलटने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन

नई मेरिट लिस्ट के अनुसार होंगे दाखिले

डेमो
ऐसे में प्रदेश सरकार को नई व्यवस्था के तहत वेटेज देते हुए नई मेरिट लिस्ट तैयार करनी होगी। इसी के अनुसार सभी दाखिले दिए जाएंगे। 

कोर्ट ने 12 मई के आदेश में सरकार को 30 मई तक सभी दाखिले खत्म करने के निर्देश भी दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के रुख को देखते हुए अब सरकार ने नई मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। 

साथ ही शुक्रवार 27 मई को काउंसिलिंग बोर्ड की मीटिंग बुलाई गई है। इसमें सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल लखनऊ बुलाए गए हैं। काउंसिलिंग बोर्ड सीटों की संख्या को अंतिम रूप देगा। साथ ही पहली काउंसिलिंग को निरस्त करने का फैसला भी यही बोर्ड लेगा। 

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार 27 मई को दोपहर से ही काउंसिलिंग शुरू हो जाएगी। यह काउंसिलिंग 29 व 30 मई को भी होगी। इसके बाद जो सीटें खाली रह जाएंगी उसे मॉपअप राउंडस से 30 मई को भरा जाएगा
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें