दस साल पहले एलडीए ने चार हजार प्लॉटों की रजिस्ट्री तो कर दी लेकिन आज तक आवंटियों को भूखंड नहीं मिल सका। पूरी रकम चुकाकर भी आवंटी भूखंड पाने के लिए प्राधिकरण के चक्कर लगा रहा है।
दस साल से आवंटियों को परेशान करने के बाद एलडीए अब उन्हें समाधान पैकेज का झुनझुना थमाकर लंबित विवाद का निपटारा करने की जुगत में है।
एलडीए वीसी सतेंद्र सिंह ने ऐसे सभी मामलों को सूचीबद्ध करने के आदेश दिए हैं, जिनमें आवंटियों को रजिस्ट्री के बाद भी भूखंड नहीं मिल पाए।
कहीं तालाब की जगह होने तो कहीं ग्रामसमाज की जमीन की वजह से आवंटियों को भूखंड नहीं दिए जा सके। अलग-अलग योजनाओं में करीब 4,000 लंबित मामले ऐसे हैं, इसे वीसी ने खुद माना है।
इस विवाद के समाधान के लिए एक समिति का भी गठन कर दिया गया है। यह समिति वीसी की अध्यक्षता में बने टॉप मैनेजमेंट ग्रुप (टीएमजी) के सामने सभी मामले रखेगी। हर मंगलवार और शुक्रवार को ऐसे मामलों की सुनवाई दोपहर में होगी।