जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय अधिकारियों, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी व एनआईसी ने तीन दिन के मंथन के बाद सकारात्मक परिणाम पर पहुंचे हैं। रैंक में संशोधन की कवायद लगभग पूरी हो चुकी है।
प्रदेश के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी कोर्सों में प्रवेश के लिए 09 अक्तूबर को स्थगित की गई उत्तर प्रदेश कॉमन इंट्रेंस टेस्ट (यूपीसीईटी) काउंसलिंग पांच दिन बाद अब एक-दो दिन में दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय अधिकारियों, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी व एनआईसी ने तीन दिन के मंथन के बाद सकारात्मक परिणाम पर पहुंचे हैं। रैंक में संशोधन की कवायद लगभग पूरी हो चुकी है।
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काउंसलिंग में रैंक में आई गड़बड़ी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने 09 अक्तूबर को काउंसलिंग व फिजिकल रिपोर्टिंग स्थगित कर दी थी। जिसके बाद 11 अक्तूबर को विश्वविद्यालय के अधिकारी दिल्ली पहुंचे। पहले उन्होंने इस पर एनटीए अधिकारियों के साथ मंथन किया वहीं इसके बाद एनआईसी के भी अधिकारियों को दिल्ली बुलाया गया। ताकि दोबारा जारी होने वाली रैंक में किसी तरह की खामी न रहे। क्योंकि प्रवेश काउंसलिंग एनआईसी के सहयोग से आयोजित की जा रही है।
हालांकि रैंक में अगर बड़ा बदलाव हुआ तो फिर प्रक्रिया को शुरू करना इतना आसान नहीं होगा। प्रवेश काउंसलिंग का आयोजन कर रहे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) कुलपति प्रो. विनीत कुमार कंसल ने बताया कि एनटीए व एनआईसी की टीमों के साथ बैठक कर समस्या को सुलझाने का प्रयास किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। एक-दो दिन में यूपीसीईटी काउंसलिंग की प्रक्रिया दोबारा शुरू होना संभावित है। विद्यार्थी इसके लिए वेबसाइट देखते रहें, जल्द उन्हें इसके बारे में अपडेट जानकारी दी जाएगी।