गन्ना पेराई के नए सत्र 2021-2022 के शुरू होते ही प्रदेश सरकार इस बार गन्ना मूल्य घोषित करने की योजना बना रही है। साथ ही इसकी भी पूरी तैयारी है कि गन्ना मूल्य में बढ़ोत्तरी जरूर की जाए।
चालू पेराई सत्र समाप्ति की ओर है। नए सत्र का आगाज अक्तूबर से ही हो जाएगा। अक्सर सरकारें पेराई सत्र शुरू होने के कई माह बाद गन्ने का राज्य परामर्शी शुल्क (एसएपी) जारी करती रहीं हैं। वर्ष 2020-2021 के लिए भी इसकी घोषणा फरवरी माह में की गई थी। इस बार सरकार इस पर मंथन कर रही है कि अक्तूबर माह में ही गन्ना मूल्य घोषित कर दिया जाए। अगले साल चुनाव है और सरकार इस मामले को इसी साल निपटाना चाहती है।
इसके अलावा सबसे अहम है गन्ना मूल्य में वृद्धि
वर्ष 2017 में जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो वर्ष 2017-2018 के पेराई सत्र के लिए गन्ने का दाम दस रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाया गया था। तब सामान्य प्रजाति का मूल्य 315 और अगेती प्रजाति का 325 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया था, तब से गन्ना मूल्य में कोई वृद्घि नहीं हुई है।
किसान बार-बार दाम बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। चुनावी बयार होने के कारण पेराई सत्र 2021-2022 के लिए गन्ना मूल्य वृद्घि की पूरी संभावना जताई जा रही है। गत दिवस इस पर आला स्तरीय मंथन भी हो चुका है। मूल्य कितना बढ़ेगा यह अभी तय नहीं हो पाया है पर इस पर सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है। प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा कहते हैं कि एसएपी पर सरकार का सकारात्मक रुख है। पूरा प्रयास है कि समय से गन्ना मूल्य घोषित कर दिया जाए।