योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री।
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मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि जैसे आज आदमखोर भेड़िया प्रदेश के अंदर कुछ जिलों में उत्पात मचा रहा, 2017 से पहले भी ऐसी ही थी प्रदेश की स्थिति। पहले युवाओं को नियुक्ति पत्र क्यों नहीं मिलता था, क्योंकि इनकी नीयत साफ नहीं थी। चाचा और भतीजे में वसूली को लेकर होड़ रहती थी कि कौन कितना वसूल करेगा। क्षेत्र बंटे हुए थे। महाभारत के सभी किरदार यहां थे। जो आज बोल रहे हैं, इन्हें भी अवसर मिला था। किंतु इन्होंने कुछ किया नहीं।
पहले वेतन के नहीं थे पैसे, आज रेवेन्यू सरप्लस राज्य
सीएम योगी ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि जनता से जुड़े हुए कोई भी काम में देर नहीं होनी चाहिए। जब हम लोग सरकार में आए थे तब ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में प्रदेश 14वें नंबर पर था और आज हम अचीवर स्टेट हैं। यह वही प्रदेश है जहां वेतन देने के लिए पैसा नहीं था, लेकिन आज हम रेवेन्यू सरप्लस स्टेट हैं। विकास के लिए किसी भी प्रकार के राजस्व की कोई कमी नहीं है। हर क्षेत्र में बहुमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह सब तभी कर पा रहे हैं जब प्रदेश के पास पैसा है। भीख मांग के दान नहीं दिया जाता है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि बुलडोजर में दिमाग नहीं होता, सिर्फ स्टीयरिंग होता है। जनता या दिल्ली वाले यह स्टीयिरंग कभी भी बदल सकते हैं। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें समाजवादियों के डीएनए की बहुत चिंता है, लेकिन वे डीएनए की फुल फॉर्म नहीं बता सकते।
अखिलेश ने प्रदेश सपा मुख्यालय पर संवाददाताओं से कहा कि डीएन की बात करने के बजाय अगर मुख्यमंत्री किसी पॉवर प्लांट का नाम लेते तो बेहतर होता। उन्होंने कहा कि अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया है कि बुलडोजर नहीं चला सकते। यह असंवैधानिक है। उन्होंने सवाल दागा कि क्या सीएम आवास का नक्शा पास है। अगर पास है तो यह बताया जाए कि कब पास हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार के अहंकार ने अकबरनगर में तो बुलडोजर चलवा दिया, पर उससे आगे रुक गए। क्या कोर्ट का आदेश आने के बाद अब तक चलाए बुलडोजर के लिए माफी मांगेंगे। उन्होंने कहा कि लखनऊ के जिस अवैध होटल में आग लगने से लोगों की जानें गईं, उस पर घोषणा के बावजूद बुलडोजर क्यों नहीं चला। सपा अध्यक्ष ने कहा कि बुलडोजर नाइंसाफी का प्रतीक है। लोकसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद सीएम न खुद सो रहे हैं और न ही अधिकारियों को सोने दे रहे हैं।
भाजपा के अंदर के मामले के चलते बढ़ा है बीपी
अखिलेश ने 2017 से पहले यूपी में ''भेड़ियों'' के अभी की तरह उत्पात मचाने संबंधी तंज पर कहा कि उस समय लूट थी तो क्या सीएम भी उसमें शामिल थे। उस समय अफसरों ने जिन भर्तियों की प्रक्रिया पूरी की, वे भी उनके आसपास हैं। अखिलेश ने साथ ही व्यंग्य किया कि भाजपा के अंदर मामला चल रहा है, इसलिए बीपी बढ़ा हुआ है। बेहतर रहेगा कि सीएम दिल्ली चले जाएं।