गलती से 60 की जगह 62 साल की उम्र तक की नौकरी करने वाले दरोगा से दो साल के वेतन की रिकवरी करवाई जाएगी। मामले की जांच के बाद एसपी ने यह आदेश जारी किया है। इसके बाद अब दरोगा के पीएफ फंड आदि से उसके द्वारा लिए गए दो साल के वेतन की भरपाई की जाएगी। वहीं विभाग में सभी पुलिस कर्मियों का डाटा खंगालने की कार्रवाई चल रही है जिससे यह पता लग सके कि कहीं ऐसा कोई और मामला तो यहां पर नहीं है। अमर उजाला द्वारा इस मामले का खुलासा होने के बाद हरकत में आए विभाग ने कार्रवाई शुरू की है।
बता दें कि मूलरूप से लखीमपुर खीरी जिले के निवासी जगतपाल वर्मा बाराबंकी पुलिस में बतौर दरोगा के पद पर तैनात थे। इनका रिटायरमेंट 31 अक्तूबर 2019 को होना था लेकिन शैक्षिक प्रमाण पत्रों में जन्मतिथि सही न दर्ज होने के चलते दरोगा ने रिटायर्डमेंट से दो साल ज्यादा तक नौकरी कर डाली थी। बीते सप्ताह जब पुलिस विभाग में इस बात का खुलासा हुआ तो हड़कंप मच गया। इसके बाद एसपी यमुना प्रसाद ने दरोगा को कार्यमुक्त करते हुए इस मामले की जांच सीओ लाइन पंकज सिंह को सौंपी थी।
वहीं शैक्षिक प्रपत्र की बात करें तो यदि उसके हिसाब से दरोगा का रिटायर्ड मेंट होता तो वह सिंतबर 2022 तक अभी करीब एक साल और नौकरी करता। हालांकि इस मामले के पकड़ में आने के बाद ऐसा कोई दूसरा मामला न निकले इसके लिए विभाग में कागजी जांच का काम तेज कर दिया गया है। एसपी यमुना प्रसाद ने दरोगा से दो साल के वेतन रिकवरी करने का आदेश दिया है। इसके बाद उससे वेतन रिकवरी की कार्रवाई विभाग में शुरू कर दी गई है।