कई इलाकों में बढ़ रहा है जलस्तर।
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लगातार बारिश और बैराजों के पानी से सरयू नदी खतरे का निशान छूने के लिए बेताब है। सरयू, शारदा व गिरिजा बैराज से छोड़े गए करीब तीन लाख 60 हजार क्यूसेक पानी से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सरयू की धारा अब तटबंध के स्पर से टकरा रही है। स्पर तटबंधों को सुरक्षित करने के लिए बने हैं। यदि इसमें कटान हुई तो धारा सीधे तटबंध से टकराएगी। चंदापुर किटौली के पास नदी का रुख तटबंध की ओर मुड़ रहा है। इससे यहां कटान की आशंका के चलते अधिकारी सुरक्षा के काम कराने में जुट गए हैं। इसके अलावा बेलसर विकासखंड अंतर्गत ऐली-परसौली में गोड़ियनपुरवा व बिसुनपुरवा आदि तटवर्ती गांवों के पास नदी की कटान तेज हो गई है।
सरयू नदी रविवार को खतरे के निशान से मात्र 77 सेंटीमीटर दूर ही रह गई है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को एल्गिन ब्रिज से सुबह नदी में दो लाख 69 हजार 455 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। ऐसे में सोमवार तक सरयू नदी खतरे के निशान तक पहुंच सकती है। बढ़ते जलस्तर के कारण एल्गिन चरसड़ी बांध की तरफ नदी का पानी जमा होने लगा है। नदी का बहाव भी तेज हो गया है। अधिकारियों की टीम लगातार सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए है, जहां कहीं भी दिक्कत होती है उसे ठीक करने की कवायद तेज हो जाती है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता अमरेश सिंह व अवर अभियंता रवि वर्मा ने बताया कि बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। बांध की सीसीटीवी कैमरों से नियमित निगरानी की जा रही है।