फर्नीचर और टॉय (खिलौना) पार्क जल्द धरातल पर उतरेंगे। प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को पूरा करने की शुरुआत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने कर दी है। इसके तहत ग्रेटर नोएडा में टॉय व फर्नीचर पार्क की स्थापना करने व इस परियोजना में रिक्त भूखंडों के आवंटन के लिए योजना पेश की गई है।
प्राधिकरण ने गैर प्रदूषणकारी श्रेणी के 240 उद्योगों के लिए 4000 वर्गमीटर तक के भूखंडों के लिए आवेदन मांगे हैं। 27 अक्तूबर तक आवेदन किया जा सकता है। 17 नवंबर को ड्रॉ के जरिये सफल आवेदनकर्ताओं की सूची जारी की जाएगी। यीडा के अनुसार, तीन स्तर के भूखंडों में से कुल 109 भूखंडों का आवंटन इस प्रक्रिया के जरिये होगा। इसमें से 95 प्रतिशत भूखंड निर्धारित श्रेणी के तहत इकाइयां लगाने के लिए और पांच प्रतिशत भूखंड स्टार्टअप के लिए आरक्षित रखे जाएंगे। स्कीम में 13542 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से भूखंड दिए जाएंगे। कुल प्रीमियम राशि 60.93 लाख से लेकर 5.41 करोड़ के बीच निर्धारित की गई है।
परियोजना के अंतर्गत टॉय पार्क के लिए सेक्टर 33 में 1800 वर्गमीटर के कुल पांच भूखंड बुक किए जाएंगे। इनकी पंजीकरण राशि 24.37 लाख होगी। कुल प्रीमियम अमाउंट 2.43 करोड़ रुपये रहेगा। वहीं ओडीओपी व फर्नीचर पार्क श्रेणी के अंतर्गत आवेदन करने वाले को 60.93 लाख से लेकर 4.06 करोड़ का प्रीमियम निर्धारित किया गया है। इस श्रेणी में कुल 41 भूखंडों का आवंटन होगा, जिसमें से दो स्टार्टअप के लिए रखे गए हैं। इसी प्रकार एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 6 चरणों में कुल 63 भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। इसमें 61 संबंधित श्रेणी और दो अलॉटमेंट स्टार्टअप के लिए होंगे।
मिलेगा अनेक सुविधाओं का लाभ
उल्लेखनीय है कि जेवर एयरपोर्ट, इंटरनेशनल फिल्म सिटी, यमुना एक्सप्रेसवे व बुद्ध सर्किट से निकटता के कारण बेहतर कनेक्टिविटी और पॉड ट्रांजिट सिस्टम के रूप में भारत में अपनी तरह की पहली विश्व स्तरीय परियोजना समेत तमाम सुविधाओं का लाभ उद्यमियों को मिलेगा। इस परियोजना के जरिये भूमि प्राप्त करने वाले आवेदनकर्ता अगरबत्ती, एक्सरे मशीन से लेकर टेक्सटाइल समेत कुल 240 प्रकार के उद्योगों में से कोई एक औद्योगिक संयंत्र लगा सकते हैं।
वहीं, चिकनकारी, बांस के उत्पाद समेत 24 प्रकार के हस्तशिल्प उत्पादन संयंत्र को सफल आवेदनकर्ता स्थापित कर सकते हैं। इसी प्रकार ओडीओपी स्कीम के जरिये भूमि प्राप्त करने वाले आवेदनकर्ता बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर व कासगंज की जरीदोजी, लखनऊ की चिकनकारी, वाराणसी की सिल्क साड़ियां व मिर्जापुर की कालीन समेत 9 प्रकार के ओडीओपी के तहत उत्पादों की इकाइयां लगा सकते हैं।