प्रारंभिक तैयारियों के संबंध में खेल विभाग के अधिकारियों ने शहर में मौजूद खेल सुविधाओं का जायजा लेना शुरू कर दिया है ताकि बुधवार को बैठक में रिपोर्ट पेश की जा सके। अगर रिपोर्ट में कुछ खेलों की सुविधाएं शहर में नहीं पाई जाती हैं तो वाराणसी, गौतमबुद्धनगर समेत अन्य जिलों का भी रुख किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के तीसरे संस्करण की मेजबानी करेगा। अगले साल अप्रैल में प्रस्तावित खेलों के संबंध में शासन स्तर पर बुधवार को होने वाली अहम बैठक में तैयारियों पर अमली जामा पहनाया जाएगा।
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लखनऊ इस आयोजन का हेडक्वार्टर होगा। स्पर्धाओं की संख्या अधिक होने अथवा सुविधाएं उपलब्ध न होने पर वाराणसी, गौतमबुद्धनगर को अतिरिक्त विकल्प के रूप में शामिल किया जा सकता है। आयोजन में करीब 20 स्पर्धाओं से देश भर के पांच से छह हजार खिलाड़ियों के भाग लेने की संभावना है। खिलाड़ियों की संख्या को आधार माने तो यह यूपी का सबसे बड़ा आयोजन साबित होगा। इसकी सफलता से यूपी का खेल भविष्य बेहतर होगा।
प्रारंभिक तैयारियों के संबंध में खेल विभाग के अधिकारियों ने शहर में मौजूद खेल सुविधाओं का जायजा लेना शुरू कर दिया है ताकि बुधवार को बैठक में रिपोर्ट पेश की जा सके। अगर रिपोर्ट में कुछ एक खेलों की सुविधाएं शहर में नहीं पाई जाती हैं तो वाराणसी, गौतमबुद्धनगर समेत अन्य जिलों का भी रुख किया जा सकता है।
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चूंकि यह आयोजन खेल मंत्रालय से यूपी को मिलेगा, ऐसे में भारतीय खेल प्राधिकरण का दिल्ली में स्थित खेलो इंडिया मुख्यालय की भी यूनिवर्सिटी गेम्स में अहम भूमिका रहेगी। मालूम हो कि इससे पहले यूनिवर्सिटी गेम्स का पहला संस्करण ओडिशा (2020) और दूसरा संस्करण कर्नाटक (2021) में हो चुका है। कर्नाटक में 20 स्पर्धाओं में देश भर से 190 यूनिवर्सिटी के साढ़े चार हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया था।
यूपी को केंद्रीय खेल मंत्रालय से खेलो इंडिया यूथ गेम्स के आयोजन के संबंध में मौखिक स्वीकृति मिल गई है। बुधवार की बैठक में तैयारियों का जायजा लिया जाएगा। अभी तक लखनऊ में आयोजन होना सुनिश्चित हुआ है। हालांकि कुछ खेलों के लिए अन्य विकल्प भी तलाशे जा सकते हैं।