गिरफ्तार किए गए कुणाल अशोक चौधरी उर्फ आतिफ ने बताया कि उसने रूस में रहकर मेडिकल की पढ़ाई के दौरान उसने इस्लाम धर्म कुबूल किया। उसे भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने के लिए एमसीआई की परीक्षा पास करना जरूरी था, जो पास नहीं कर सका। इसके बावजूद वह नासिक में अवैध तरीकेसे मेडिकल क्लीनिक चलाता था। कुणाल को एमसीआई की परीक्षा पास कराने के प्रलोभन कलीम सिद्दीकी ने दिया था जिसके कारण वह कलीम सिद्दीकी से जुड़ा। पिछले दो साल से वह कलीम सिद्दीकी के साथ रहते हुए भी अवैध रूप से मेडिकल प्रैक्टिस करता था और प्रैक्टिस के साथ मरीजों पर इस्लाम धर्म कुबूल करने की दावत देने का काम भी करता था।
धर्मांतरण के लिए हुई फंडिंग से इदरीस ने मुजफ्फरनगर के रिहायशी इलाके में 60 लाख रुपये का मकान बनवाया है। यह मकान बीते तीन महीने के भीतर बनवाया गया है। इसके अलावा इदरीस ने ढाई लाख रुपये की कीमत की एक मोटर साइकिल भी खरीदी है। इन संपत्तियों के लिए पैसा कहां से आया इसका जवाब इदरीस नहीं दे सका। कलीम सिद्दीकी और इदरीस कुरैशी की नई दिल्ली और मुजफ्फरनगर में संपत्ति होने के जानकारी मिली है, जिनके सुबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।
सामाजिक सौहार्द की आड़ में चल रहा था धर्मांतरण का धंधा
एटीएस के अधिकारियों ने बताया कि अब तक की विवेचना के दौरान यह जानकारी मिली है कि कलीम सिद्दीकी एक ओर जहां सामाजिक सौहार्द के कार्यक्रम की आड़ में तरह-तरह की लालच देकर अवैध धर्मांतरण का सिंडिकेट संचालित कर रहा था वहीं दूसरी तरफ इस सिंडीकेट द्वारा कराए जा रहे धर्मांतरण के विदेशों से धन हासिल किया जा रहा था और उस धन का इस्तेमाल निजी प्रयोग करते हुए अवैध संपत्ति अर्जित की जा रही थी।
अब तक 14 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में आज तीन लोगों को गिरफ्तारी को मिलाकर कुल 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एटीएस ने इसी साल 21 जून को उमर गौतम और जहांगीर आलम को गिरफ्तार कर अवैध तरीके से किए जा रहे धर्मांतरण का पर्दाफाश किया था।