यूपी विधानभवन का घेराव करने जा रहे वित्तविहीन शिक्षकों और पुलिस के बीच मंगलवार दोपहर जमकर झड़प हुई। शिक्षकों के एक गुट ने कसमंडा हाउस के पास लगी बैरीकेडिंग फांदने की कोशिश की तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे नाराज शिक्षक सड़क पर ही धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मौके पर आए पुलिस व प्रशासन के अफसरों ने करीब दो घंटे की कोशिश के बाद शिक्षकों को शांत कराया।
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उधर, शिक्षकों के दूसरे गुट की कैपिटल सिनेमा हॉल के पास पुलिस से भिड़ंत हो गई। यहां भी जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने दोनों गुटों के 200 से अधिक शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया।
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शाम तक गोसाईंगंज थाना में बैठाने के बाद सभी शिक्षकों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। लाठीचार्ज में शिक्षक एमएलसी समेत 8-10 लोगों को चोटें आई हैं। इस दौरान हजरतगंज इलाके में जाम लगा रहा। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के बैनर तले सैकड़ों वित्तविहीन शिक्षक पार्क रोड स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय भवन में सुबह ही एकत्र हो गए थे।
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पुलिस ने भी सीएम आवास जाने के रास्ते के साथ ही कसमंडा हाउस और आर्यन की तरफ बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता ब्लॉक कर रखा था। यहां शिक्षकों की अगुवाई कर रहे माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी ने मानदेय बंद करने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने प्रदेश सरकार से समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग भी की।
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वीवीआईपी गेस्ट हाउस के पास पीटे गए शिक्षक
बस से गोसाईगंज भेजे जा रहे शिक्षकों की वीवीआईपी गेस्ट हाउस के पास पुलिस ने जमकर पिटाई की। संगठन के महासचिव अजय सिंह एडवोकेट का आरोप है कि शिक्षकों की गिरफ्तारी के बाद भी बसों में कोई भी पुलिस अधिकारी व कर्मचारी नहीं बैठाया गया था।
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बस के ड्राइवर को ये तक नहीं पता था कि शिक्षकों को कहां ले जाना है। ड्राइवर के पूछने पर शिक्षकों ने उससे विधानभवन चलने को कहा तो उसने बस मोड़नी शुरू कर दी। तभी कुछ पुलिसकर्मियों ने वहां आकर शिक्षकों की पिटाई शुरू कर दी, जिसमें विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी, संजय मिश्रा, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष रेनू मिश्रा, नरेंद्र सिंह, सीमा, अशोक राठौर जख्मी हुए हैं।
शिक्षकों का दूसरा गुट भी पहुंचा विधानभवन घेरने
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष लाल बिहारी यादव की अगुवाई में शिक्षकों का दूसरा गुट भी दारुलशफा से विधानभवन का घेराव करने निकल पड़ा। उसे पुलिस ने लोकदल कार्यालय के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। इस दौरान शिक्षकों और पुलिस में काफी देर तक झड़प होती रही, लेकिन शिक्षकों के अड़े रहने पर पुलिस ने उन्हें आखिरकार गिरफ्तार कर बसों से पुलिस लाइन पहुंचा दिया। (वित्तविहीन शिक्षकों को गिरफ्तार करती पुलिस)