चार दशक तक मुलायम सिंह के भरोसेमंद सहयोगी रहे राजेंद्र चौधरी
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र चौधरी का राजनीतिक जीवन करीब चार दशक तक मुलायम सिंह यादव के साथ जुड़ा रहा। उनकी पहचान पार्टी के सबसे भरोसेमंद, अनुशासित और सादगीपूर्ण नेताओं में रही है। चौधरी का राजनीतिक सफर चौधरी चरण सिंह के नेतृत्व में शुरू हुआ। वर्ष 1974 में चरण सिंह ने उन्हें गाजियाबाद शहर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया, हालांकि उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 1977 में वे उसी सीट से विधायक निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंचे।
जब मुलायम सिंह यादव पहली बार सहकारिता मंत्री बने, उसी दौर से दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक संबंध मजबूत हुए। लोकदल में मुलायम सिंह प्रदेश अध्यक्ष और राजेंद्र चौधरी महामंत्री रहे। अविवाहित होने के कारण राजेंद्र चौधरी लंबे समय तक पार्टी के पुराने कार्यालय में पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में रहे और बेहद सादगीपूर्ण जीवन जीते रहे।
लोकदल के विभाजन के समय अधिकांश जाट नेता अजित सिंह के साथ चले गए, लेकिन राजेंद्र चौधरी ने मुलायम सिंह का साथ नहीं छोड़ा। वे उन्हें चौधरी चरण सिंह का वास्तविक राजनीतिक उत्तराधिकारी मानते रहे। राजेंद्र चौधरी अपनी स्पष्टवादिता, संगठन के प्रति निष्ठा और ईमानदार छवि के लिए जाने जाते हैं।
वे लंबे समय तक समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता रहे। राजनीतिक हलकों में उनकी पहचान ऐसे नेता की रही, जिनसे पार्टी की अंदरूनी जानकारी निकलवाना आसान नहीं था। शुद्ध शाकाहारी जीवनशैली, सादगी और सिद्धांतों पर अडिग रहने के कारण उन्हें विरोधी भी ईमानदार नेताओं की श्रेणी में रखते हैं।