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यूपी: फिर से उफान पर आई सरयू, कई गांवों में घुसा पानी, छत पर गुजारा कर रहे हैं लोग, शासन ने पहुंचाया खाना

Sun, 15 Sep 2024 11:15 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, बहराइच

सार

Flood in these districts of UP: यूपी में सरयू उफान पर है। नेपाल के पहाड़ों पर हुई बारिश व गिरिजा बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने पर यह हालात बने हैं। 
 
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बाढ़ का पानी गांव के अंदर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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नेपाल के पहाड़ों पर हुई बारिश व गिरिजा बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से सरयू उफान पर है। मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया और लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और सभी रहम की प्रार्थना कर रहे हैं।

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आलम यह है कि लोगों के घरों में घुटनों तक पानी भर गया है। सारा राशन खराब हो गया है। सभी छतों पर तिरपाल लगाकर जीवन-यापन कर रहे हैं। भोजन के लिए प्रशासन से मिलने वाले लंच पैकेट पर आश्रित हैं। वहीं बाढ़ ने महसी तहसील क्षेत्र के शिवपुर विकासखंड में भी दस्तक दे दी है। पांच घर नदी में समाहित हो गए हैं। वहीं घरों में पानी भरने से उनकी जीना दुश्वार है।

घरों में छह तो सड़कों पर बह रहा चार फीट पानी
मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र के सुजौली, जंगल गुलरिहा, बड़खडिया, चहलवा आदि ग्राम पंचायतों के दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ तबाही मचा रही है। आलम यह है कि घरों के अंदर छह-छह फीट और सड़कों पर चार फीट तक पानी बह रहा है। तेज बहाव के चलते आवागमन पूरी तरह बंद है। शुक्रवार को बैराज से ढाई लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से अफरातफरी का माहौल है।
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पक्की छतों पर तिरपाल बना घर
बाढ़ के चलते लोगो के राशन भीग गए हैं। लोग पक्की छतों पर बसर कर रहे हैं। जिनके घर कच्चे हैं, वे पड़ोसियों के घर शरण लिए हैं और जान बचाने का प्रयास कर रहे हैं। जंगल गुलरिहा के प्रधान प्रतिनिधि शिव कुमार निषाद व सुजौली के ग्राम प्रधान राजेश गुप्ता ने बताया कि बार-बार बाढ़ की चपेट में आने से ग्रामीण भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। तीसरी बार अचानक आई बाढ़ से लगभग 15 हजार की आबादी प्रभावित है।

बूढ़ी सरयू भी ढा रही कहर, नदी ने निगल ली सैकड़ों बीघा जमीन
नेपाल से बहकर भारतीय सीमा में प्रवेश करने वाली नेपाल की भादा और भारतीय क्षेत्र की बूढ़ी सरयू भी कहर ढा रही है। नदी ने करमोहना और पुरैना रघुनाथपुर में सैकड़ों बीघा जमीन अपनी धारा में समाहित कर लिया है। कटान की सूचना पर एसडीएम संजय कुमार व तहसीलदार मिहीपुरवा अम्बिका चौधरी मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी गई है। बाढ़ चौकियों के माध्यम से पीड़ितों को राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। नाव के सहारे खाद्य सामग्री की आपूर्ति की जा रही है।

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नानपारा तहसील के दर्जनों गांव चपेट में, पांच घर कटे

बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
सरयू नदी का कहर नानपारा तहसील के शिवपुर विकासखंड में जारी है। बाढ़ का पानी लगभग दो दर्जन गांवों में घुस गया है और लोग पलायन कर रहे हैं। बौंडी, दुईजीपुरवा, पसियानपुरवा, बलदूपुरवा, मोती पुरवा आदि क्षेत्र में स्थिति खराब है। नदी की तेज धाराओं ने दुइजीपुरवा में शिवप्रसाद, बदली, जगदीश और पसियानपुरवा में सिद्धनाथ के पक्का व सुग्रीव के कच्चे मकान को काट कर अपने में समाहित कर लिया है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। शनिवार को एसडीएम नानपारा अश्विनी पांडेय, तहसीलदार प्रदीप कुमार ने नाव के सहारे प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और लोगों से जानकारी ली।

खतरे के निशान से 67 सेंटीमीटर ऊपर सरयू
पहाड़ों पर बारिश व बैराजों से पानी छोड़े जाने के चलते सरयू ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। शनिवार की शाम एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 106.74 मीटर दर्ज किया गया जो लाल निशान 106.07 मीटर से 67 सेंटीमीटर ऊपर है। जल मापक विवेक सिंह ने बताया कि सरयू का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटा बढ़ रहा है।

महसी के भी एक दर्जन गांवों में तबाही
महसी तहसील के भी एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। ग्रामीण खाद्य सामग्री व जरूरी सामान ऊंचे स्थानों पर रखने में लगे हैं और जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। क्षेत्र के पचदेवरी, चुरईपुरवा, रामदीनपुरवा, टिकुरी, पिपरा, पिपरी, कायमपुर, टेपरा, जोगापुरवा, मथुरा पुरवा, प्रहलाद पुरवा, रानी बाग, कुट्टी बाग, तारापुरवा व छतरपुरवा आदि में तबाही शुरू हो गई है। (संवाद)

बैराजों से छोड़ा गया 4.3 लाख क्यूसेक पानी
जिले के बैराजों से पानी छोड़े जाने का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार की शाम चार बजे शारदा बैराज से 1.72 लाख क्यूसेक, गिरिजापुरी बैराज से 2.45 लाख क्यूसेक व सरयू बैराज से 18,538 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
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