सरयू नदी का कहर नानपारा तहसील के शिवपुर विकासखंड में जारी है। बाढ़ का पानी लगभग दो दर्जन गांवों में घुस गया है और लोग पलायन कर रहे हैं। बौंडी, दुईजीपुरवा, पसियानपुरवा, बलदूपुरवा, मोती पुरवा आदि क्षेत्र में स्थिति खराब है। नदी की तेज धाराओं ने दुइजीपुरवा में शिवप्रसाद, बदली, जगदीश और पसियानपुरवा में सिद्धनाथ के पक्का व सुग्रीव के कच्चे मकान को काट कर अपने में समाहित कर लिया है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। शनिवार को एसडीएम नानपारा अश्विनी पांडेय, तहसीलदार प्रदीप कुमार ने नाव के सहारे प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और लोगों से जानकारी ली।
खतरे के निशान से 67 सेंटीमीटर ऊपर सरयू
पहाड़ों पर बारिश व बैराजों से पानी छोड़े जाने के चलते सरयू ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। शनिवार की शाम एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 106.74 मीटर दर्ज किया गया जो लाल निशान 106.07 मीटर से 67 सेंटीमीटर ऊपर है। जल मापक विवेक सिंह ने बताया कि सरयू का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटा बढ़ रहा है।
महसी के भी एक दर्जन गांवों में तबाही
महसी तहसील के भी एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। ग्रामीण खाद्य सामग्री व जरूरी सामान ऊंचे स्थानों पर रखने में लगे हैं और जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। क्षेत्र के पचदेवरी, चुरईपुरवा, रामदीनपुरवा, टिकुरी, पिपरा, पिपरी, कायमपुर, टेपरा, जोगापुरवा, मथुरा पुरवा, प्रहलाद पुरवा, रानी बाग, कुट्टी बाग, तारापुरवा व छतरपुरवा आदि में तबाही शुरू हो गई है। (संवाद)
बैराजों से छोड़ा गया 4.3 लाख क्यूसेक पानी
जिले के बैराजों से पानी छोड़े जाने का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार की शाम चार बजे शारदा बैराज से 1.72 लाख क्यूसेक, गिरिजापुरी बैराज से 2.45 लाख क्यूसेक व सरयू बैराज से 18,538 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।