सरकार ने नगर निकाय की सीमा शामिल किए गांवों में गृहकर की वसूली पर रोक लगा दी है। इन गांवों में तब तक टैक्स नहीं लिए जाएंगे, जबतक गांवों का विकास शहरी तर्ज पर नहीं हो जाएगा। यानि नए शहरी क्षेत्रों में हाउस टैक्स वसूली पर रोक लगाने के साथ पूर्व में दी गई नोटिस को भी वापस लिया जाएगा। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव नगर विकास डा.रजनीश दुबे ने बृहस्ततिवार को शासनादेश जारी कर दिया है।
शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि शहरीकरण की बढ़ती प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए नगर निगम व पालिका परिषद का सीमा विस्तार करते हुए नई नगर पंचायतें बनाई गई हैं। नगर निगम और पालिका परिषद अधिनियम में दी गई व्यवस्था के अनुसार पांच साल या फिर निकाय सीमा में शामिल क्षेत्रों में सड़कए पेयजल और मार्ग प्रकाश की सुविधा दिए जाने तक हाउस टैक्स की वसूली नहीं की जाएगी।
शासन की जानकारी में आया है कि कुछ निकाय नए शहरी क्षेत्रों में परिसंपत्तियों पर टैक्स लगाकर भवन स्वामियों को बिना तीनों सुविधाएं दिए नोटिस भेज रहे हैं। अधिनियम में दी गई व्यवस्था के यह विपरीत है। इसलिए अधिनियमों में दी गई व्यवस्था के आधार पर नए शहरी क्षेत्रों में सुविधाएं देने तक या फिर पांच साल तक हाउस टैक्स नहीं लिया जाएगा। इस संबंध में जिन निकायों में नोटिस भवन स्वामियों को भेजा है उसे वापस लिया जाएगा।