अफसरों ने बताया कि लखनऊ से कौशांबी, औरैया, इटावा, कुशीनगर, देवरिया, मऊ, कन्नौज, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, अलीगढ़, एटा, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बदायूं, बिजनौर आदि की सीधी बस सेवा नहीं है।
लखनऊ से प्रदेश के 75 जिलों का सीधा कनेक्शन रोडवेज बस के जरिये होने जा रहा है। यानी लखनऊ से रोजाना 75 जिलों के लिए साधारण सेवा की 75 बसें चलेंगी। इससे प्रदेश के सभी जिलों के यात्रियों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। इन बसों को तय समय-सारिणी से चलाया जाएगा। उम्मीद है, कि जुलाई के पहले हफ्ते में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन 75 बसों को एक साथ हरी झंडी दिखा कर 75 जिलों के लिए रवाना करेंगे।
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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के तत्कालीन एमडी नवदीप रिनवा ने पिछले साल नवंबर में 150 साधारण बसों की चेसिस खरीदने के आदेश दिए थे। कानपुर कार्यशाला में इन चेसिस की बॉडी बनाकर बस को तैयार किया जा रहा है। ये सभी बसें यूरो-6 हैं। सरकार ने आजादी की 75वीं वर्षगांठ को लेकर मनाए जा रहे अमृत महोत्सव के तहत लखनऊ से रोजाना 75 जिलों के लिए एक-एक बस चलाने की योजना तैयार की है। इनमें जो जिले लंबी दूरी पर स्थित है, उनमें दोनों तरफ से एक-एक बसें चलेंगी। यानी लखनऊ से बांदा रूट पर एक बस लखनऊ से तो दूसरी बस बांदा से लखनऊ के लिए रोज चलेगी।
यहां के लिए अब तक नहीं सीधी बस
अफसरों ने बताया कि लखनऊ से कौशांबी, औरैया, इटावा, कुशीनगर, देवरिया, मऊ, कन्नौज, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, अलीगढ़, एटा, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बदायूं, बिजनौर आदि की सीधी बस सेवा नहीं है। इनमें कुछ जिलों के डिपो की बसें लखनऊ आती हैं।
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तीन बस अड्डों से होगा संचालन
लखनऊ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके बोस ने बताया कि 75 जिलों की बसों का आलमबाग, कैसरबाग एवं अवध अड्डे से संचालन प्रस्तावित है। इन बसों के लिए चालकों एवं परिचालकों की व्यवस्था की जा रही है।
10 दिन में तैयार होंगी नई बसें
पूर्व में जिन 150 बसों की चेसिस खरीदी गई थी, उनकी बॉडी तेजी से बनाई जा रही है। कानपुर कार्यशाला में यह काम चल रहा है। 10 दिन में 80 बसें बनकर तैयार हो जाएंगी।