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UP: नौकरशाह अब मकान बनाने के लिए सरकार से नहीं लेते मदद, 50 लाख रुपये मिलें तो बने बात

Mon, 23 Dec 2024 11:51 AM IST
ishwar ashish अजित बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ

सार

सरकारी अफसर अपना घर बनाने के लिए अब सरकार से मदद नहीं लेते हैं। उन्हें नए भवन के निर्माण के लिए 7.5 लाख रुपये और मरम्मत के लिए 1.80 लाख रुपये देने का नियम है।
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अफसरों ने नहीं ली मदद। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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यूपी में 14 साल से नौकरशाहों ने घर बनाने के लिए सरकार से कोई मदद नहीं ली है। नए भवन के निर्माण के लिए 7.5 लाख रुपये और मरम्मत के लिए 1.80 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान है लेकिन, यह राशि बेहद कम होने के चलते अब कोई भी आईएएस या पीसीएस अधिकारी इस मद में अग्रिम राशि (एडवांस) नहीं लेता।

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इन अधिकारियों को अपने वेतन के सापेक्ष एडवांस नियुक्ति विभाग के जरिये लेना होता है। इस संबंध में 12 अक्तूबर 2010 का शासनादेश लागू है। इसमें कहा गया है कि भवन निर्माण या खरीदने के लिए अग्रिम की सीमा वेतन बैंड में 34 माह का वेतन और अधिकतम 7.5 लाख रुपये तक होगी। इसी तरह से भवन मरम्मत या विस्तार के लिए अग्रिम की सीमा अधिकतम 1.80 लाख रुपये होगी।

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उच्च पदस्थ सूत्र बताते हैं कि समय के साथ नियम नहीं बदले तो अफसरों ने सरकार से खुद मदद लेने की योजना में रुचि लेना ही बंद कर दिया। अगर भवन निर्माण या खरीदने के लिए यही राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी जाए तो अधिकारी रुचि लेने लगेंगे।
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बैंक लोन से काफी सस्ता पड़ता है एडवांस
-अधिकारियों के लिए घर बनाने के लिए बैंक लोन के मुकाबले सरकार से एडवांस लेना काफी सस्ता पड़ता है। एडवांस पर 7 फीसदी सलाना की दर से ब्याज लिया जाता है, जबकि बैंक से होम लोन लेने पर 8.50 प्रतिशत से लेकर 11.30 प्रतिशत तक सलाना ब्याज देना पड़ता है।

- यह भी दिक्कत: एडवांस लेने पर रजिस्ट्री के मूल दस्तावेज भी विभाग में जमा करने होते हैं। इसलिए उसके बाद बैंक से लोन भी नहीं ले सकते। इसलिए भी इस योजना में किसी भी अधिकारी की कोई रुचि नहीं रह गई है।

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