शुभ विवाह हेतु दोनों ग्रहों का उदय होना शास्त्र सम्मत
मेष संक्रांति के बाद विवाह कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। विवाह मुहूर्त में गुरु शुक्र अस्त का भी विचार किया जाता है। दोनों ग्रहों का शुभ विवाह हेतु उदय होना शास्त्र सम्मत है। वर्ष 2025 में गुरु 12 जून से 9 जुलाई तक 27 दिन के लिए अस्त होंगे। 12 दिसंबर से 31 दिसंबर तक शुक्र अस्त रहेंगे।
कृष्णानगर के पंडित आशुतोष पांडेय ने बताया कि इस बार 18 अप्रैल को सिद्धि योग के चलते सहालग तेज रहेगी। 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया होने से मांगलिक समारोहों की संख्या बढ़ेगी। पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया की तिथि 29 अप्रैल की शाम 5:32 से 30 की दोपहर 2:13 बजे तक रहेगी।
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उदया तिथि की मान्यता के चलते 30 अप्रैल को पूरे दिन अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन को विवाह, गृह प्रवेश, वाहन या संपत्ति खरीदने, व्यापार आरंभ करने के लिए शुभ मानते हैं।
विवाह के लिए शुभ लग्न
- अप्रैल - 14, 15,16,18, 19, 20, 21, 25, 29,30
- मई - 1, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 22, 23, 24, 28
- जून - 1, 2, 4, 5, 6 ,7, 8
- नवम्बर -21, 22, 23, 24 ,25, 26, 30
- दिसम्बर - 1, 4, 5, 6
18 की सहालग के लिए तैयारियां तेज
यूपी कैटरिंग एंड डेकोरेशन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार ने बताया कि 14 से सहालग शुरू हो रही है। शुरुआत में सबसे तेज सहालग 18 अप्रैल को है। इस दिन राजधानी में 4500 से ज्यादा शादियां होने का अनुमान है, जिसके लिए लॉन, बैंक्वेट हॉल, होटल और बरातघरों की बुकिंग हो चुकी है। अक्षय तृतीया पर 30 अप्रैल को पांच हजार शादियों का आंकड़ा पार हो सकता है।
विवाह के लिए ये तिथियां मानी जाती हैं शुभ
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि विवाह के लिए कई तिथियां शुभ मानी जाती हैं, जिनमें द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, एकादशी और त्रयोदशी शामिल हैं। शुभ महीने आमतौर पर माघ, फाल्गुन, चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ और आषाढ़ होते हैं। सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार जैसे दिन भी विवाह के लिए शुभ माने जाते हैं। 29 और 30 अप्रैल को विवाह मुहूर्त अधिक शुभ है।