प्रदेश सरकार नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के कर्मचारियों को भी राज्य कर्मचारियों की तरह पेंशन सुविधा दे सकती है। दोनों श्रेणी के निकायों के कर्मचारियों को आजीवन पेंशन सुविधा का लाभ देने को लेकर कवायद शुरू हो गई है। नगर विकास विभाग द्वारा इनकेलिए पेंशन नियमावली तैयार की जा रही है। नियमावली में 10 साल के स्थान पर आजीवन पेंशन देने करने का प्रावधान किया जा सकता है।
कर्मचारियों को पारिवारिक पेंशन के तौर पर बेसिक वेतन का 50 प्रतिशत धनराशि और डीए मिलता है। यह व्यवस्था नगर निकायों में लागू नहीं थी। बाद में कर्मचारियों की लंबी लड़ाई के बाद इस नियमावाली को प्रदेश के नगर निगमों में तो लागू कर दिया गया, लेकिन नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में इसे नहीं लागू किया गया। निकाय कर्मचारी 15 साल से राज्य कर्मचारियों की भांति नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायत कर्मियों को भी पेंशन सुविधा देने की मांग कर रहे थे।
अदालत तक लड़ाई लड़ने के बाद भी पूर्ववर्ती सरकारों ने उनकी मांगे नहीं मानी। अब चुनावी साल को देखते हुए मौजूदा सरकार ने छोटे निकायों के कर्मचारियों की मांग को पूरा करने की कवायद शुरू की है। विभाग के एक उच्चपदस्थ सूत्र ने बताया कि जल्द ही नियमावली तैयार कर मंजूरी के लिए कैबिनेट को भेजी जाएगी।
सरकार के निर्णय से यह होगा फायदा
राज्य कर्मियों व नगर निगम के कर्मचारियों की भांति अब नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत कर्मियों को भी बेसिक वेतन का 50 फीसदी राशि पेंशन के तौर पर मिलेगा। अब तक इन्हें इस मद में सिर्फ 41.5 प्रतिशत राशि ही मिलती थी। इसी तरह इन्हें अब आजीवन पेंशन मिलेगा। यही नहीं, कर्मचारियों को 10 साल की सेवा पूरी करने पर ही पेंशन का लाभ मिल सकेगा। अब तक इनके लिए 20 साल तक सेवा करना अनिवार्य था।