उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर 18 से 40 वर्ष की 51 निराश्रित महिलाओं को मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत इस वर्ष आवास आवंटित किये गये हैं। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिलाओं को सामाजिक और सरकारी स्तर पर सुरक्षा की आवश्यकता होती है। ऐसी कई महिलाएं हैं जिन पर छोटे-छोटे बच्चों की भी जिम्मेदारी है। राज्य सरकार ने ऐसे लाभार्थियों की समस्या को ध्यान में रखकर इन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए प्राथमिकता सूची में सम्मिलित किया है। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति की दिशा में ग्राम्य विकास विभाग का यह क्रांतिकारी कदम हैं। माताओं, बहनों और बेटियों ने हर क्षेत्र में कदम से कदम मिलाकर नए भारत के निर्माण में अपना योगदान सुनिश्चित किया है।
बताते चलें कि इस योजना में वर्ष 2024-25 में पात्रता की प्राथमिकता श्रेणी में पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिला (आयु 18 से 40 वर्ष) को सम्मिलित करते हुए राज्य सरकार द्वारा इस श्रेणी के आवासविहीन पात्र परिवारों का जनपद स्तर से सर्वेक्षण कराया गया। प्रदेश के जनपदों से लगभग 51 हजार घरों की मांग इस श्रेणी में की गयी। सभी 51 हजार पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिला (आयु 18 से 40 वर्ष) को इस वर्ष आवास आवंटित कर दिये गये हैं ।इन आवासों के स्वीकृति एवं प्रथम किस्त निर्गत कराने की कार्यवाही प्रक्रिया में है।