कार्पोरेशन से जुड़े सभी निगमों की सुनवाई के दौरान विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने उपभोक्ताओं का पक्ष रखा। बताया कि निगमों पर उपभोक्ताओं का 33122 करोड़ (सर प्लस) निकल रहा है। उसके एवज में अगले 5 वर्षों तक आठ प्रतिशत बिजली दर कम की जाए। क्योंकि नोएडा पावर कंपनी अपने उपभोक्ताओं को यह छूट दे रही है। हालांकि आयोग ने दरें कम करने पर विचार नहीं किया है। ऐसे में परिषद अध्यक्ष ने आगे लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी नई बिजली दर का परिषद अध्ययन करेगा। करीब 90 फीसदी प्रस्ताव मान लिए गए हैं। इसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी। सरप्लस के मुद्दे पर आयोग में पुनर्विचार जनहित याचिका दाखिल करते हुए बिजली दरों में कमी करने की मांग की जाएगी।
मनमानी तरीके से नहीं बढ़ेंगा लोड
प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं का लोड अब मनमानी तरीके से हर तीन माह की रिपोर्ट के आधार पर नहीं बढाया जा सकेगा। अब यह व्यवस्था दी गई है कि लोड बढ़ाते समय एक साल की रिपोर्ट का अध्ययन किया जाएगा। फिर उसके आधार पर लोड बढाया जाएगा।
लाइन लॉस पर रार
उपभोक्ता परिषद का आरोप है कि आरडीएसएस में वर्ष 2023-24 में लाइन हानियां 10.67 प्रतिशत थी, जिसे वर्ष 2024-25 में 13.09 फीसदी कर दिया गया है। ऐसे में उपभोक्ताओं का निकलने वाले सरप्लस में करीब दो हजार करोड़ का नुकसान हुआ है। इसके खिलाफ भी याचिका लगाई जाएगी।
विभागीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर कड़ाई
टैरिफ दरें लागू करते हुए नियामक आयोग ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लगाम लगाने की कोशिश की है। नई व्यवस्था में यदि विभागीय अधिकारी व कर्मचारी मीटर नहीं लगाते हैं तो उन्हें जुर्माने के दायरे में लाया जाएगा।