पिछले साल ओलावृष्टि से प्रभावित जिन किसानों को अब तक सहायता नहीं मिली है, विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें अभियान चलाकर सहायता पहुंचाई जाएगी।
राजस्व महकमे ने ऐसे किसानों में 2000 करोड़ रुपये बांटने का फॉर्मूला तैयार कर मुख्यमंत्री की सहमति के लिए भेज दिया है। सहमति मिलते ही वितरण शुरू करने की तैयारी है।
वर्ष 2015 में बेमौसम बारिश व ओलों से प्रभावित 1 करोड़ 99 लाख 95 हजार 379 किसानों का नियमों के दायरे में नुकसान माना गया था। इन्हें करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया।
केंद्र व प्रदेश सरकार ने मिलकर 4498 करोड़ रुपये किसानों की सहायता के लिए बांटे। इसमें 2801 करोड़ की सहायता केंद्र ने एनडीआरएफ मद से दी थी।