मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश में ‘एक देश-एक कर’ की व्यवस्था लागू करने के लिए संसद की ओर से पारित अधिनियम पर राज्य विधानमंडल की सहमति के लिए यूपी वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) विधेयक-2017 विधानसभा में पेश किया। इसमें नई व्यवस्था के प्रावधानों के साथ उसे लागू करने की प्रक्रिया तय की गई है।
सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद मुख्यमंत्री ने जीएसटी विधेयक पेश किया। वर्तमान में प्रदेश सरकार वैट, प्रवेश कर, मनोरंजन कर, सुख-साधन कर, क्रय कर आदि वसूलती है।
इसी तरह केंद्र सरकार केंद्रीय उत्पाद शुल्क, अतिरिक्त उत्पाद शुल्क, सेवा कर आदि वसूलती है। करदाताओं को अलग-अलग कर अदा करने में तमाम तरह की दुश्वारियां आती हैं।
इसे देखते हुए जीएसटी में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा वसूले जाने वाले अधिकतर अप्रत्यक्ष कर, वस्तु व सेवा कर नामक एकल कर में शामिल कर दिए गए हैं।