यूपी पॉवर कार्पोरेशन के पीएफ घोटाले की आंच प्रमुख सचिव ऊर्जा व पॉवर कार्पोरेशन के चेयरमैन आलोक कुमार तक पहुंच गई। कर्मचारी संगठनों की ओर से आलोक को हटाकर प्रकरण की जांच कराने की मांग व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा द्वारा भी चेयरमैन की भूमिका पर सवाल खड़े किए जाने के बाद सरकार ने आलोक को हटा दिया है।
परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार को प्रमुख सचिव ऊर्जा व अध्यक्ष पॉवर कार्पोरेशन सहित आलोक द्वारा देखी जा रही पूरी जिम्मेदारी सौंप दी है। इसी के साथ शासन ने पांच आईएएस व एक वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी का तबादला कर दिया है।
पॉवर कार्पोरेशन के कर्मचारियों के पीएफ का पैसा दीवान हाउसिंग फाइनेंस कंपनी लि. (डीएचएफएल) में किए जाने का खुलासा होने के बाद सरकार ने प्रकरण की ईओडब्ल्यू से जांच कराने का आदेश व सीबीआई जांच की संस्तुति की थी। साथ ही पॉवर कार्पोरेशन की एमडी अपर्णा यू को हटा दिया था। लेकिन कर्मचारी प्रकरण में जानबूझकर लंबे समय तक चुप्पी साधे रहने का आरोप लगाते हुए पॉवर कार्पोरेशन चेयरमैन आलोक कुमार को हटाकर जांच की मांग कर रहे थे।
सरकार पहले आलोक को हटाने की मूड में नजर नहीं आ रही थी। लेकिन, जब ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने ही मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर चेयरमैन की भूमिका पर सवाल उठाए तो उनकी विभाग से विदाई तय हो गई थी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी के आदेश के बाद आलोक को हटाकर अरविंद कुमार को ऊर्जा व अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के प्रमुख सचिव तथा पॉवर कार्पोरेशन, जल विद्युत निगम, राज्य विद्युत उत्पादन निगम तथा पारेषण निगम के अध्यक्ष पद पर तैनात कर दिया गया।
हालांकि, शासन ने आलोक को ऊर्जा विभाग से हटाने के बावजूद बेहद महत्वपूर्ण तैनाती दी है। उन्हें अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, एनआरआई व सार्वजनिक उद्यम विभाग का प्रमुख सचिव तथा सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो का महानिदेशक बनाया है।
राजेश औद्योगिक विकास से परिवहन भेजे गए
शासन ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह को हटा दिया है। उन्हें परिवहन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। राजेश को औद्योगिक विकास विभाग से हटाए जाने की अटकलें लंबे समय से चल रही थीं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद कई नीतियों को अंतिम रूप देने की समयसीमा बीतने के बावजूद कार्यवाही आगे बढ़ नहीं पा रही थी।
इसके अलावा आईएएस अधिकारी अबरार अहमद को भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण रेरा के सचिव पद से हटाकर विशेष सचिव नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग व निदेशक नमामि गंगा योजना के पद पर तैनात किया गया है। सचिव रेरा के पद पर वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी व अपर आयुक्त वाराणसी अजय कुमार अवस्थी की तैनाती की गई है।
महेंद्र होंगे अयोध्या के नए मंडलायुक्त, मनोज 30 तक बने रहेंगे
शासन ने अयोध्या के नए मंडलायुक्त के नाम पर मुहर लगा दी है। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के सचिव एमपी अग्रवाल अयोध्या के नए मंडलायुक्त होंगे। हालांकि सरकार ने मौजूदा आयुक्त मनोज मिश्र को रिटायरमेंट की तिथि 30 नवंबर तक पद पर बनाए रखने का फैसला किया है।
शासन के एक अधिकारी ने बताया कि मनोज मिश्र पिछले दो वर्ष से अधिक समय से अयोध्या के आयुक्त की जिम्मेदारी अच्छी तरह से निभा रहे हैं। उन्हें वहां के हालात व परिस्थिति की अच्छी तरह से जानकारी है। साथ ही उनका कार्यकाल भी महीने के अंत तक है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के चंद दिन पहले अयोध्या की संवेदनशील स्थिति के बीच अचानक किसी नए अफसर की तैनाती की जगह दूसरा उपयुक्त निर्णय लिया गया।
तय हुआ कि मनोज को उनके कार्यकाल 30 नवंबर तक आयुक्त के पद पर बनाए रखा जाए और अयोध्या की विशेष परिस्थिति के मद्देनजर तत्काल प्रभाव से नए मंडलायुक्त की तैनाती भी कर दी जाए। ऐसे में शासन ने सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास महेंद्र प्रसाद अग्रवाल को फैजाबाद का नया मंडलायुक्त बनाने का फैसला किया। लेकिन, 30 नवंबर तक वह विशेष कार्याधिकारी अयोध्या मंडल के रूप में तैनात रहेंगे। 30 को मनोज के रिटायर होने के बाद वह मंडलायुक्त की जिम्मेदारी संभालेंगे।