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योगी सरकार का भ्रष्टाचार पर दोहरा प्रहार, तैनात किए दो हाईटेक चौकीदार

Fri, 27 Nov 2020 05:34 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
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भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस नीति पर आगे बढ़ रही योगी सरकार ने इस दिशा में दो अहम कदम और बढ़ा दिए हैं। इस बार योगी सरकार ने भ्रष्टाचार पर दोहरा प्रहार किया है । लोक निर्माण विभाग में टेंडरों के आवंटन प्रक्रिया की चौकीदारी अब हाईटेक प्रहरी करेगा ।

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कृषि भूमि का लैंड यूज चेंज करवाने के लिए भी अब किसानों को अफसरों की दहलीज पर भटकना नहीं होगा। आवास अधिनियम की धारा 143 के तहत कृषि भूमि को गैर कृषि भूमि में परिवर्तित कराने के लिए योगी सरकार ने ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू कर दी है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार के हाईटेक पहरेदारों की तैनाती से घूसखोरों,बिचौलियों और दलालों के हौसले पस्त हैं। पीडब्ल्यूडी में टेंडर आवंटन प्रक्रिया को लेकर पिछले कुछ दिनों में शून्य हुई शिकायतों की संख्या इसकी गवाह है ।
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पिछली सरकारों में बदनाम रही टेंडर आवंटन प्रक्रिया को भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए योगी सरकार ने प्रहरी साफ्टवेयर तैनात किया है।15 सितंबर से प्रदेश भर में प्रहरी साफ्टवेयर योजना को लागू कर दिया गया है। विभाग की पूरी टेंडर प्रक्रिया प्रहरी के जरिये होगी।
 

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सॉफ्टवेयर ही करेगा टेंडर के लिए कंपनियों का चुनाव भी

टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने वाली कंपनियों के दस्तावेज से लेकर मशीनों और बैंक से जुड़े दस्तावेजों तक की पड़ताल प्रहरी करेगा। टेंडर में शामिल होने वाले आवेदक खुद सॉफ्टवेयर पर अपने दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे। प्रक्रिया इतनी पारदर्शी होगी कि सभी आवेदक एक दूसरे के दस्तावेज ऑनलाइन देख सकेंगे।

सभी चीजों की पड़ताल के बाद सॉफ्टवेयर ही टेंडर के लिए कंपनियों का चुनाव भी करेगा। राज्य सरकार ने टेंडर प्रक्रिया में विवादित रही स्थानीय विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी लगभग खत्म कर दी है। टेंडर प्रक्रिया में किसी तरह की शिकायत की जांच लोक निर्माण विभाग मुख्यालय के अधिकारियों की टीम करेगी।

कृषि भूमि के लैंड यूज चेंज को लेकर पिछली सरकारों में किसानों से होने वाली वसूली और घूसखोरी पर योगी सरकार ने रोक लगा दी है। आवास अधिनियम की धारा 143 के तहत कृषि भूमि को गैर कृषि भूमि में तब्दील कराने के लिए अब किसानों को न अफसरों की दहलीज के चक्कर लगाने होंगे और न बिचौलियों और दलालों का शिकार बनना होगा।

अब किसान लैंड यूज चेंज करने के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। लैंड यूज चेंज में हीला हवाली कर किसानों को परेशान करने वाले अफसरों पर भी अब राज्य सरकार की सीधी निगाह होगी। एक निश्चित समय सीमा के भीतर कोई कार्रवाई नहीं करने की स्थिति में लैंड यूज चेंज करने का आवेदन खुद अप्रूव मान लिया जाएगा।
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