प्रदेश में नई सरकार के कामकाज संभालने के बाद नौकरशाही को नए सिरे से सजाने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। शासन ने बुधवार की देर रात चार आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। पुलिस मुख्यालय से एडीजी नवनीत सिकेरा को एडीजी पीटीएस उन्नाव के पद पर भेजा गया है।
पुलिस महानिदेशक के जनरल स्टॉफ ऑफिसर (जीएसओ) एडीजी रवि जोसफ लोक्कू को एडीजी सतर्कता अधिष्ठान बनाया है जबकि इस पद पर तैनात एन रविंदर को जीएसओ डीजीपी बनाया गया है। डीआईजी रूल्स एंड मैन्युवल धर्मेंद्र सिंह को डीआईजी आरटीसी चुनार के पद पर तैनाती दी गई है।
शासन में कई वरिष्ठ अधिकारी अगले माह सेवानिवृत्त हो जाएंगे। कई जिलों में सचिव स्तर के अधिकारी तैनात हैं, जिनका हटना तय माना जा रहा है। एक ही विभाग में लंबे समय से जमे अफसर भी हटाए जा सकते हैं। अफसरशाही में बड़ा फेरबदल एमएलसी चुनाव संपन्न होने के बाद 15 अप्रैल से मई के बीच हो सकते हैं।
मुख्य सचिव के बाद राजस्व परिषद चेयरमैन व कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) का पद सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। राजस्व परिषद के मौजूदा चेयरमैन मुकुल सिंघल व एपीसी आलोक सिन्हा 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इन दोनों ही पदों पर नई तैनाती की जाएगी।
सियासी हवा भांपने में चूकने वाले अफसर भी हटेंगे
शासन के कई अधिकारी चुनावी हवा नहीं भांप पाए। चार तो चुनाव नतीजे आने से पहले विपक्षी खेमे से पींगे बढ़ाने पहुंच गए थे। इनमें एक अपर मुख्य सचिव व तीन सचिव स्तर के अधिकारी हैं। चार में तीन तो बेहद महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। अपर मुख्य सचिव के विभागीय मंत्री चुनाव जीतने के बावजूद सरकार में स्थान नहीं बना पाए हैं। माना जा रहा है कि ये अपर मुख्य सचिव व दोनों सचिव शासन में तबादलों के समय साइडलाइन किए जा सकते हैं। एक अपर मुख्य सचिव व एक सचिव स्तर के अधिकारी की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनाती के लिए उपलब्धता की रिपोर्ट केंद्र को काफी पहले भेजी जा चुकी है। महत्वपूर्ण पदों पर तैनात इन दोनों अफसरों की केंद्र में तैनाती के बाद इनके स्थान पर नए अफसर तैनात करने होंगे।