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यूपी: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे में चार मौतें, नेपाली पानी से बहराइच, बाराबंकी और अयोध्या में तबाही

Tue, 17 Sep 2024 03:39 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, अयोध्या

सार

Flood in UP: नेपाल में हुई में हुई भारी बारिश का असर नेपाल-भारत सीमा पर सटे जिलों में हुआ। बहराइच, अयोध्या, बाराबंकी आदि क्षेत्रों के गई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। 
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नेपाल में हुई बारिश से बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों में चार लोगों की मौत हो गई। इनमें श्रावस्ती, सोनभद्र और फतेहपुर में एक-एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई जबकि इटावा में भारी बारिश से एक व्यक्ति की मौत हो गई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार गंगा नदी बदांयू के कछलाब्रिज, गाजीपुर और बलिया में जबकि शारदा नदी लखीमपुर खीरी के पलियाकलां में और घाघरा नदी बाराबंकी के एल्गिन ब्रिज, अयोध्या में बलिया के तुर्तीपार में खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ से अब तक 41 जिले प्रभावित हुए हैं जबकि पिछले 24 घंटों में 21 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की 14, एसडीआरएफ की 15 और पीएसी की 48 टीमें तैनात की गई हैं।

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नेपाली पानी से बाढ़ विकराल, 550 घरों में घुसा पानी
सरयू ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नेपाल में भारी बारिश के बाद बैराजों से छोड़े गए आठ लाख क्यूसेक पानी के चलते सरयू में उफान तेज हो गया है। आलम यह है कि सरयू ने इस सत्र के उच्चतम जलस्तर को स्पर्श कर लिया है। सरयू लाल निशान से 59 सेमी ऊपर बह रही है। जिसके चलते सदर व रुदौली तहसील के 550 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। करीब आठ हजार की आबादी प्रभावित है, लोग तेजी से तटबंधों पर शरण ले रहे हैं।

पिछले 24 घंटे में सरयू के जलस्तर में 19 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार की शाम छह बजे सरयू का जलस्तर 93. 32 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो कि खतरे के निशान 92़ 73 मीटर से 59 सेमी ऊपर है। बाढ़ के चलते रुदौली के 11 गांव व सदर तहसील के करीब 12 गांव प्रभावित हैं। पूराबाजार के 150 घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। जबकि रुदौली तहसील के विभिन्न गांवों के करीब 400 घरों मे बाढ़ का पानी घुस गया है। ये सभी परिवार पलायन की तैयारी कर रहे हैं, कुछ ने तटबंधों पर शरण ले रखी है।
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वहीं शहरी इलाकों में भी पानी प्रवेश कर रहा है। अयोध्या धाम के सरयू के घाटों की सीढि़यां पानी में डूब गई हैं। पुरोहितों की चौकियां बाढ़ में बह गईं। जबकि श्मशान घाट पूरी तरह से डूब गया है। रामघाट हाल्ट रेलवे स्टेशन के पीछे स्थित फटिक शिला मंदिर के प्रवेश द्वार तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। मंदिर से बाहर निकलना संतों के लिए मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा दिक्कत अंतिम संस्कार में हो रही है। एडीएम वित्त एवं राजस्व महेंद्र सिंह ने बताया कि तटबंधों की चौकसी बढ़ा दी गई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री बांटी जा रही है। आवागमन के लिए नाव लगाई गई है। 24 घंटे बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

टापू सरीखे नजर आ रहे गांव, तटबंधों पर शरण ले रहे लोग

बाढ़ का पानी गांव के अंदर। - फोटो : अमर उजाला।
रुदौली तहसील क्षेत्र के तटवर्ती इलाके के लोग पलायन कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित सराय नासिर व मुजेहना के ग्रामीण तटबंध पर पाॅलीथिन के सहारे गुजर बसर करने को विवश हैं। वहीं मरौचा गांव के बाढ़ पीड़ितों ने बाढ़ राहत शिविर में शरण लेनी शुरू कर दी है। नदी के तटबंध पर भी दबाव बढ़ने लगा है। जिससे तटबंध के आसपास बसे गांव के लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। बाढ़ के कारण कई गांव टापू सरीखे नजर आ रहे हैं। घरों में पानी भरने से लोगों के सामने रहने और खाने का संकट उत्पन्न हो गया है। बाढ़ ने रास्तों को भी प्रभावित कर दिया है। जिसके कारण कई गांवों का संपर्क कट गया है।

रुदौली के ये गांव हैं प्रभावित
बाढ़ की चपेट में आए रुदौली के सरांय नासिर, मुजेहना, मरौचा, पसैया, नूरपुर, अब्बुपुर, सल्लाहपुर, कैथी, मंहगू पुरवा, कैथी मांझा सहित आदि गांवों के घरों में पानी घुस जाने से 400 से अधिक परिवार प्रभावित हैं।

तटबंध में जगह-जगह गड्ढ़े फंसी भैंस
सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड की ओर से तटबंध की मरम्मत लाखों रुपये खर्च कर कराई जाती है। वर्तमान में तटबंध में जगह-जगह सैकड़ों गड्ढे हो गये हैं। तटबंध पर भैंस जाते समय गड्ढे में समा गई। घंटों मशक्कत के बाद किसी तरह भैंस को ग्रामीणों ने बाहर निकाला। सरयू नदी के मध्य सैकड़ों की संख्या में छुट्टा जानवर भूखे पानी में ही फंसे हैं। इन जानवरों से फसल बचाने के लिए किसान खेतों में ही रुककर फसल की रखवाली कर रहे हैं। जिससे छुट्टा जानवरों के लिए चारा की समस्या उत्पन्न हो गई है।
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बाढ़ की मार झेल रहे 150 परिवार

प्रदेश के कई जिले बाढ़ की चपेट में। - फोटो : अमर उजाला
सदर तहसील के 150 परिवार बाढ़ की मार झेलने को विवश हैं। मुडाडिहा ,उरदाहवा ,पिपरी संग्राम, पूरे चेतन गांव केे एक दो नहीं, पूरे 150 परिवार धूप, बारिश की मार झेल रहे हैं। पन्नी तानकर खुले आसमान में दिन काट रहे हैं। उरदाहवा निवासी राम अवतार का कहना हैै कि बाढ़ आने से उनका आवासीय घर पानी में गिर गया है। पूरा परिवार तटबंध पर शरण लिए हुए है। मुडाडिहा उरदाहवा निवासी सीता, प्रेमा का कहना है कि अभी तक प्रशासन की तरफ से कुछ भी सहायता नहीं मिली है। लकड़ियां सब गीली हो गई हैं। मूडाडिहा निवासी राजेंद्र ने बताया कि परिवार से बंधे पर शरण ले रखा है।

लाई, चना, खिचड़ी खाकर बिता रहे दिन
शुजागंज के आठ गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। ग्रामीणों को अब तक राहत सामग्री नहीं मिली है। महगू का पुरवा गांव के रामराज का कहना है कि अभी तक स्थानीय प्रशासन से कोई राहत नहीं मिल पाई। गंगाराम का कहना है कि आधे से ज्यादा घरों में पानी भर गया है। खिचड़ी और लाई चना खाकर लोग भूख मिटा रहे हैं। वहीं विधायक रामचंद्र यादव ने उसडीएम प्रवीण कुमार यादव के साथ बाढ़ प्रभावित माझा सराय नसिर,मुझेना,पसैया तट बंध गांव के 130 पीड़ितों को राशन किट बांटी। इस मौके पर तहसीलदार राजेश वर्मा, नायब तहसीलदार स्नेहील वर्मा,राजस्व निरीक्षक अनिल यादव आदि मौजूद रहे।
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