इंजीनियरिंग की कोर ब्रांच में घटते रुझान को लेकर आल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने इसमें सुधार की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत एआईसीटीई ने प्रदेश के एक दर्जन कॉलेजों को कोर ब्रांच में बीटेक इन वर्किंग प्रोफेशनल (कार्यरत पेशेवरों) कोर्स में प्रवेश की हरी झंडी दी है।
खास यह कि कॉलेज अपनी 50 किमी की परिधि में आने वाले इंडस्ट्री के ही लोगों को इसमें प्रवेश देगा। एआईसीटीई की ओर से इस बार सिविल, मैकेनिकल, केमिकल व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए एक दर्जन कॉलेजों को 30-30 सीटों पर प्रवेश लेने की अनुमति दी गई है।
यह कोर्स पार्ट टाइम नहीं बल्कि नियमित कोर्स की तरह होगा। इनकी कक्षाएं शाम को नियमित होंगी। अब इसमें प्रवेश को लेकर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि इस कोर्स में प्रवेश के लिए कॉलेज संस्थान स्तर पर आवेदन लेंगे। इसकी विस्तृत सूचनाएं प्रकाशित की जाएंगी। इसमें आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए मेरिट के आधार पर प्रवेश लिया जाएगा।
इसमें कार्यरत पेशेवरों चाहे वह राज्य के हों या प्रदेश के, पब्लिक, प्राइवेट कंपनी, एमएसएमई को प्रवेश दिया जाएगा। यह संस्थान कॉलेज कैंपस के 50 किमी की परिधि में होना चाहिए। जो पहले 70 किमी तय था।
इस कोर्स में प्रवेश के लिए एक साल का फुट टाइम इंडस्ट्री में काम करने का अनुभव होना चाहिए। एकेटीयू कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि यह कवायद कोर ब्रांच को संजीवनी देने का काम करेगी।
क्योंकि इन कोर ब्रांच में वर्किंग प्रोफेशनल के आने से जहां उनको फायदा मिलेगा वहीं इन संस्थान के विद्यार्थियों के लिए भी इंडस्ट्री में जॉब के अवसर खुलेंगे। इंडस्ट्री इंटरैक्शन बढ़ने से युवाओं को फायदा भी होगा।