उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर तैनाती के लिए कई शर्ते हैं। जैसे, अधिकारी मुस्लिम हो और सुन्नी हो। कम से कम उप सचिव रैंक का हो। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में ऐसे अधिकारी नहीं हैं तो प्रति नियुक्ति के माध्यम से दूसरी विभाग से तैनाती का अनुरोध शासन से किया गया है।
चार माह से खाली चल रहे उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर तैनाती के लिए पैनल में सम्मिलित नाम पर वित्त विभाग द्वारा आपत्ति लगा दी गई है। इस पर अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने निर्देश दिए हैं कि इसके लिए अधिकारियों का नवीन पैनल मांग लिया जाए। नंदी बृहस्पतिवार को विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा कर रहे थे।
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मंत्री नंदी ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक की, जिसमें मुख्य कार्यपालक अधिकारी की तैनाती पर मंथन हुआ। दरअसल, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर तैनाती के लिए कई शर्ते हैं। जैसे, अधिकारी मुस्लिम हो और सुन्नी हो। कम से कम उप सचिव रैंक का हो। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में ऐसे अधिकारी नहीं हैं तो प्रति नियुक्ति के माध्यम से दूसरी विभाग से तैनाती का अनुरोध शासन से किया गया है। एक तो ऐसे अधिकारी अन्य विभागों में भी कम हैं। यदि हैं भी तो उनके नामों पर स्वीकृति नहीं हो पा रही है। बताया कि इस प्रति नियुक्ति पर विभाग द्वारा आपत्ति लगाई दी गई है। ऐसा पहले भी हो चुका है।
नंदी ने निर्देश दिए कि बोर्ड से अधिकारियों का नवीन पैनल मांग लिया जाए। मंत्री ने अन्य योजनाओं एवं प्रगति की जानकारी ली। छात्रवृत्ति, प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम, पुत्री की शादी योजना आदि पर निर्देश दिए। इस मौकेपर प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण हिमांशु कुमार, निदेशक सी इंदुमती, विशेष सचिव शिवाकांत द्विवेदी, संयुक्त निदेशक, एसएन पांडेय आदि मौजूद थे।