प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव से पहले एक अनुपूरक बजट और पेश कर सकती है। नवंबर-दिसंबर में वित्त वर्ष का दूसरा अनुपूरक बजट लाया जा सकता है। इसमें किसानों और युवाओं को चुनावी सौगात मिल सकती है।
सरकार के करीब साढ़े चार वर्ष पूरा होने के बावजूद किसानों व युवाओं से जुड़े कई बड़े चुनावी वादे अभी भी अधूरे हैं। सरकार चाहती है कि वह जनता के बीच ‘जो कहा-सो किया’ वाले मूड में जाए। जिससे अगले विधानसभा चुनाव में किए जाने वाले उसके वादों पर भी लोग यकीन कर सकें। मगर खजाने की हालत अच्छी न होने की वजह से चुनाव से पहले के इस अनुपूरक बजट में भी कई बड़े वादों पर बात नहीं बन सकी। ऐसे में वित्त वर्ष 2021-22 का दूसरा अनुपूरक बजट लाया जाना तय माना जा रहा है। इसे विस चुनाव के एलान से पहले नवंबर-दिसंबर के बीच लाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि सत्ता, संगठन व सर्वे एजेंसियों के जरिए लोगों से सरकार के प्रति खुशी-नाखुशी जानने की कोशिश हो रही है। ये फीडबैक अगले दो माह में जुटा लिए जाएंगे। ऐसे में चुनाव से पहले नाखुश टार्गेट ग्रुप को साधने के लिए दूसरे अनुपूरक बजट का सहारा लिया जा सकता है। इसलिए पहले अनुपूरक को सीमित आकर में रखा गया। चुनाव में जाने से पहले ‘टार्गेट ग्रुप’ को ‘गुड फील’ कराने की कोशिश होगी।
ये प्रमुख वादे अभी भी अधूरे
- कॉलेज में दाखिला लेने वाले समस्त युवाओं को लैपटॉप व एक जीबी इंटरनेट डाटा।
- सभी लघु व सीमांत किसानों को ब्याजमुक्त फसली ऋण।
- सभी किसानों को एक नया एनर्जी एफीशिएंट पंप।
- हर ब्लॉक स्तर पर गोदाम व कोल्ड स्टोरेज की पूरी व्यवस्था।
- सभी गरीबों तक बिना जाति और धर्म का भेदभाव किए सरकारी कल्याण योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए गरीब कल्याण कार्ड।
- एक नए महामना पंडित मदन मोहन मालवीय संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना।
- सभी लड़कों के लिए कक्षा 12 तक और कक्षा 12 में 50 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले लड़कों को स्नातक तक नि:शुल्क शिक्षा।
- सभी स्तर के खिलाड़ियों को मासिक विकास राशि।
- राज्य में स्थापित हर उद्योग में 90 प्रतिशत नौकरियां यहां के युवाओं के लिए आरक्षित करना।
- अहिल्याबाई कन्या नि:शुल्क शिक्षा योजना करना।
- सरकारी व निजी भागीदारी से 500 करोड़ की राशि वाले एकलव्य क्रीड़ा कोष की स्थापना होगी। इससे पहले से मौजूद स्पोर्ट्स कॉलेजों को पुनर्जीवित करने व छात्रों को राज्य द्वारा स्पोर्ट्स फेलोशिप दी जाएगी।
- सरकारी कर्मचारियों व उनके परिवारों के लिए 2 लाख तक का नि:शुल्क चिकित्सा बीमा।