विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में जनसुनवाई के दौरान उपभोक्ता, किसान, उद्यमी, बुनकर, कार्मिक सभी ने एक सुर में निजीकरण और बिजली दर बढ़ोतरी का विरोध किया।
विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा कि वर्ष 2000 से आईएएस को बिजली कंपनियों की कमान सौंपी गई है। इसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ तो इसके लिए उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। देश के आईएएस अफसर का कोई विभाग नहीं होता है। वे एक विभाग से दूसरे विभाग में जाते रहते हैं। वे बिजली विभाग का निजीकरण करने के बाद दूसरे विभाग में चले जाएंगे। यही वजह है कि वाराणसी में जनसुनवाई के दौरान विभिन्न संगठनों ने विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष का स्वागत करते हुए निजीकरण के विरोध में संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।