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यूपी में कांवड़ यात्रा: जल, थल और नभ से इस तरह से हो रही है पल-पल की निगरानी, एंट्री ड्रोन भी किए गए एक्टिव

Sat, 12 Jul 2025 10:20 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Kanwar Yatra in UP: प्रदेश में सावन के मौके पर हो रही कांवड़ यात्रा की हर स्तर पर निगरानी की जा रही है। पुलिस मुख्यालय से सीधा इसका कंट्रोल रूम बनाया गया है। 
 
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यूपी में कांवड़ यात्रा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सुरक्षित कांवड़ यात्रा संपन्न कराने के लिए हर स्तर पर पैनी नजर रखी जा रही है। जल, थल और नभ तीनों स्तरों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। जल पुलिस, एटीएस, आरएएफ और क्यूआरटी के जवानों की तैनाती की गयी है। इसके साथ ही कांवड़ यात्रा की निगरानी के लिए हाईटेक टीथर्ड ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, पुलिस मुख्यालय में माॅर्डन कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से 24 घंटे रियल टाइम मॉनीटरिंग की व्यवस्था की गई है।

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बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुगम और सुरक्षित कांवड़ यात्रा संपन्न कराने को लेकर खुद माॅनिटरिंग कर रहे हैं। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से रोज अपडेट भी ले रहे हैं। इसे देखते हुए कांवड़ यात्रा के सभी मार्गों पर हाईटेक निगरानी की व्यवस्था की गई है। मुख्य कांवड़ मार्गों और प्रमुख स्थानों पर 29,454 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही 395 हाइटेक ड्रोन और विशेष रूप से एंटी ड्रोन के साथ टीथर्ड ड्रोन की मदद से रियल-टाइम वीडियो फीड लेकर डीजीपी मुख्यालय से सीधे मॉनीटरिंग की जा रही है।

वहीं, महाकुंभ की तर्ज पर डीजीपी मुख्यालय में माॅर्डन कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां से 24 घंटे रियल टाइम मॉनीटरिंग की जा रही है। इसके अलावा एक विशेष आठ सदस्यीय टीम 24 घंटे सोशल मीडिया पर चलने वाली अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं और संवेदनशील पोस्ट की भी मॉनीटरिंग कर रही है तथा संबंधित जिलों को अलर्ट भेजा जा रहा है। इसी प्रकार एक अलग टीम इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, यूपी-112 और अन्य माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं की निगरानी कर रही है।

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दूसरे राज्यों से भी समन्वय

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कांवड़ यात्रा से जुड़े सभी दिशा-निर्देश, पुलिस अधिकारियों के मोबाइल नंबर, ट्रैफिक डायवर्जन योजना आदि को बारकोड के माध्यम से होर्डिंग, अखबार और सोशल मीडिया पर साझा किया गया है। इसके अलावा अंतरराज्यीय समन्वय के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के अधिकारियों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इसके जरिए रियल-टाइम सूचना आदान-प्रदान, मार्गों की स्थिति, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण से जुड़ी जानकारियां साझा की जा रही है।
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