सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में कहा कि भाजपा नौकरियां खत्म कर रही है। आउटसोर्सिंग के जरिए ठेका प्रथा लाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इसे होने नहीं दिया जाएगा। पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं का स्वागत करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को रटने के साथ अब गणित का भी अध्यापक लगाना होगा। सपा के साथ 80 प्रतिशत लोग पहले से खड़े थे। अब 20 फीसदी भी आ गए है। ऐसे में 400 सीट जीतना तय हो गया है। किसान को खाद नहीं मिल रहा है। डीजल पेट्रोल कंपनियां 600 फीसदी मुनाफा कमा रही है।
संविधान बचाने की लड़ रहे लड़ाई
भाजपा से इस्तीफा देने वाले धर्म सिंह सैनी ने कहा कि यूपी में समाजवाद कायम करने के लिए सपा में आए हैं। मकर संक्त्रसंति के दिन शपथ लेते हैं कि बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर के संविधान को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। उन्होंने कहा कि 2022 में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाएँगे और 2024 में प्रधानमंत्री बनाकर संविधान को पूरी तरह से सुरक्षित करेंगे।
समाजवाद और आंबेडकरवाद बचाना पहला कर्तव्य
भाजपा से इस्तीफा देकर सपा में आए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवाद और अंाबेडकरवाद को बचना पहला कर्तव्य है। भाजपा को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया है। पांच साल तक इस्तीफी नहीं देने पर सवाल पर कहा कि भाजपा ने गरीबों के आंखों में धूल झोंका। पहले केशव प्रसाद मौर्य और स्वामी प्रसाद मौर्य को मुख्यमंत्री बनाने की बात कही गई, फिर किसी और का नाम चला, लेकिन मुख्यमंत्री बनाया गोरखपुर से लाकर। उन्होंने कहा कि हिस्सेदारी के सवाल पर अभी तक 80 फीसदी और 20 फीसदी का नारा दिया जाता था, लेकिन अब 85 हमारा है और 15 फीसदी में बंटवारा होगा। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हिंदुत्व की बात करते हैं, लेकिन अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़े वर्ग को हिदू ना मानकर शूद्र मानते हैं। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा विभाग में बिना विज्ञापन के और आरक्षण नियमों की अनदेखी कर की जा रही नियुक्त का उदाहरण दिया। कहा कि इसी तरह अन्य विभागों आरक्षण नियमों की अनदेखी कर नियुक्ति की गई। गोरखपुर के गगहा थाने में सात लोगों के शव मिलने के प्रकरण का जिक्र करते हुए कानून व्यवस्था पर सवार उठाया। सपा अध्यक्ष से हाथ मिलाने के सवाल पर कहा कि वह प्रगतिशील विचारधारा के हैं, इसलिए उनके साथ हैं। उनके साथ रहकर संविधान बचाया जा सकता है। बसपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस दिन मायावती ने कांसीराम के संकल्प को भूला दिया और थैली वालों के साथ खड़ी हो गई, उसी दिन से बसपा का पतन शुरू हो गया। भाजपा ने सम्मान नहीं दिया तो अब उसे नेस्तनाबूत करेंगे।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कराया ताकत का अहसास
स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी ताकत का भी अहसास कराया। उन्होंने भरे मंच से कहा कि हमारी कोई पार्टी नहीं है, लेकिन पार्टी के कम हैसियत भी नहीं है। जिसका साथ पकड़ता हूं उसे सत्ता मिलता है और जिसका साथ छोड़ता है वह मटियामेट हो जाता है। बसपा इसका उदाहरण है।
चलेंगे चरखा दांव
स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा कार्यालय में मुलायम सिंह यादव को याद किया। कहा कि उनके समय लोकदल में महामंत्री था। उनसे बहुत कुछ सीखा है। वह चरखा दांव चलते थे। अब वह वृद्ध हैं, उनका दांव यह सेना लगाएगी और भाजपा को चित करेगी।