SP MP RK Choudhary: आरके चौधरी पर आरोप है कि चुनाव की अधिसूचना के दौरान 12 मई 2024 को मोहनलालगंज में हुई रैली में चौधरी ने जाति, समुदाय और धर्म के आधार पर वोट मांगे।
मोहनलालगंज संसदीय क्षेत्र से जीते सपा सांसद आरके चौधरी के चुनाव को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मतदाता ज्ञानी की याचिका पर सांसद को 17 मार्च तक लिखित जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है।
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इससे पहले कोर्ट ने चौधरी को नोटिस जारी किया था। याचिका में चुनाव जीतने के लिए पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक (पीडीए) का मुद्दा उठाने समेत चुनाव कानून के तहत भ्रष्ट आचरण अपनाने का आरोप लगाया गया है। न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की एकल पीठ अब 17 को सुनवाई करेगी।
याची के अधिवक्ता का कहना था कि आरके चौधरी ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के प्रावधानों का उल्लंघन किया, जिससे चुनाव कथित भ्रष्ट आचरण से प्रभावित हुआ। जिस राजनीतिक दल से वह चुनाव लड़ रहे थे, उसने पीडीए का मुद्दा उछाला। कई साक्षात्कारों का जिक्र कर कहा गया कि चौधरी समेत समाजवादी पार्टी के मुखिया ने भी पीडीए की अवधारणा को बड़े पैमाने पर जनता के सामने पेश किया।
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चुनाव की अधिसूचना के दौरान 12 मई 2024 को मोहनलालगंज में हुई रैली में चौधरी ने जाति, समुदाय और धर्म के आधार पर वोट मांगे। पीडीए को सोशल मीडिया पर भी दिखाया गया। इन हालात में चौधरी का चुनाव रद्द किए जाने योग्य है।
कोर्ट ने बीते 24 सितंबर को आरके चौधरी को नोटिस जारी किया था। इसके बाद उनके वकील ने याचिका पर जवाब पेश करने के लिए चार हफ्ते का वक्त देने का आग्रह किया, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर दिया। इस वर्ष 14 फरवरी को चौधरी के अधिवक्ता कृष्ण कन्हैया पाल ने याचिका पर लिखित कथन दाखिल करने के लिए और समय मांगा। इस पर कोर्ट ने 17 मार्च तक आखिरी मौका दिया है।