सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद विधानसभा क्षेत्रवार रैलियां कर रहे हैं। जिन सीटों पर सपा उम्मीदवार के सामने पुराने नेता टक्कर दे रहे हैं, उन पर विशेष तौर पर फोकस किया जा रहा है।
पूर्वांचल का गढ़ बचाए रखने के लिए सपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। अंतिम दौर में मान मनौव्वल का दौर तेज हो गया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद विधानसभा क्षेत्रवार रैलियां कर रहे हैं। जिन सीटों पर सपा उम्मीदवार के सामने पुराने नेता टक्कर दे रहे हैं, उन पर विशेष तौर पर फोकस किया जा रहा है।
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पूर्वांचल की छठवें और सातवें चरण की 111 सीटों पर चुनाव होना बाकी है। इसमें छठवें चरण की 57 सीटों में भाजपा के पास 46 है और सपा के पास दो एवं बसपा की पांच सीटें हैं। जबकि छठवें चरण की 54 सीटों में भाजपा के पास 29 और सपा की 11, बसपा की छह सीटें हैं। सातवें चरण में जौनपुर सदर में पहले तेज बहादुर मौर्य, मझंवा में दामोदर मौर्य को नामांकन के बाद टिकट बदल दिया गया। जौनपुर सदर में अरशद खां और मझवां में रोहित शुक्ला को उतारा गया है। ऐसे में यहां समाजवादी पार्टी मौर्य बिरादरी पर ज्यादा फोकस कर रही है।
इसी तरह बसपा से सपा में आए मुबारकपुर से विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को भी सपा ने टिकट नहीं दिया तो वह आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहाबुल मुस्लमीन (एआईएमएआईएम) से मैदान में हैं। गुड्डू जमाली का अल्पसंख्यकों का वोट ट्रांसफर ना हो, इसके लिए पश्चिम के कई अल्पसंख्यक नेताओं को यहां भेजा गया है। जहूराबाद में सपा-सुभासपा उम्मीदवार ओम प्रकाश राजभर के सामने बसपा के टिकट पर प्रसपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रही शादाब फातिमा मैदान में हैं। ऐसे में यहां भी अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं की ड्यूटी लगाई गई है। मऊ में सुधाकर सिंह के बागी तेवर देखते हुए यहां क्षत्रिय बिरादरी के नेताओं की ड्यूटी लगाई गई है। सातवें चरण की सीटों पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद विधानसभा क्षेत्रवार जनसभा कर रहे हैं। वह बुधवार को जौनपुर में रहेंगे। इसके बाद चार फरवरी को दोबारा फिर पहुंचेंगे। इसी तरह वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और सोनभद्र में कुर्मी बहुल इलाके में सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल एक फरवरी से पहुंच गए हैं।