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यूपी डीजीपी का दावा, प्रदेश में अप्रत्याशित रूप से कम हुए अपराध, नहीं हुआ एक भी दंगा

Sat, 02 Nov 2019 05:24 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : अमर उजाला
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अमेठी में शनिवार सुबह डीजीपी ने चुनिंदा जिलों के वरिष्ठ पुलिस अफसरों के साथ अपराध समीक्षा बैठक की। डीजीपी ने कहा कि पिछले दो सालों में यूपी में अपराधों में अप्रत्याशित कमी आई है। यह भी कहा कि दो वर्षों में प्रदेश में जहां एक भी दंगा नहीं हुआ, वहीं साहसिक मुठभेड़ में पुलिस ने कई दुर्दांत अपराधियों को मार गिराया।

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इस दौरान पुलिस की संवेदनशीलता व परफार्मेंस में भी सुधार हुआ। बैठक के बाद डीजीपी मीडिया से मुखातिब हुए। डीजीपी ने कहा कि पिछले दो सालों में प्रदेश में अपराध (लूट, डकैती, हत्या व फिरौती के लिए अपहरण) में  अप्रत्याशित कमी आई है। इस दौरान अपराध में संलिप्त गैंगों को चिह्नित किया गया।

साहसिक मुठभेड़ में पुलिस ने कई दुर्दांत अपराधियों को मार गिराया। नाबालिग लड़कियों के साथ होने वाली घटनाओं की स्ट्रांग मॉनीटरिंग की गई। औरैया में हुई ऐसी ही एक घटना में 20 दिन के अंदर दोषी को सजा  दिलाई गई। कानपुर नगर, कानपुर देहात व आगरा में भी पुलिस ने महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं की कुशल पैरवी की।
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महिला अपराधों को रोकने के लिए  पूरे प्रदेश में आईजी-डीआईजी को नोडल नामित किया गया। सभी मामलों में  दोषियों की गिरफ्तारी हुई। टेक्नालॉजी, मैनपावर, संवदेनशीलता व  परर्फामेंस के क्षेत्र में भी पुलिस विभाग मजबूत हुआ है। पुलिस की  सक्रियता से सभी वर्गों के त्यौहार शांतिपूर्ण माहौल में उत्साह पूर्वक मनाए गए।

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अपराध प्रभावित सात जिलों का विशेष जोन

- फोटो : अमर उजाला
डीजीपी ने कहा कि यहां के अफसरों की बैठक में सामने आए तथ्यों के बाद सात जिलों (प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, अमेठी, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर व जौनपुर) को विशेष जोन बनाने का निर्णय लिया गया है। बड़े अपराधों का खुलासा और इसमें शामिल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सात स्पेशल टीमें बनाई जाएंगी

इन टीमों में सातों जिलों के एक-एक पुलिस कर्मी रखे जाएंगे। डीजीपी ने कहा कि इन जिलों में होने वाली घटनाओं को रोकने के साथ ही सात टीमों के कुशल पर्यवेक्षण की पूरी जिम्मेदारी एडीजी प्रयागराज व आईजी अयोध्या की होगी।

प्रतापगढ़ की तर्ज पर चिह्नित होंगे प्वाइंट
डीजीपी ने कहा कि विशेष जोन के सभी जिलों में प्रतापगढ़ जिले की तरह बाॅर्डर प्वाइंट के अलावा क्राइम प्वाइंट चिह्नित किए जाएंगे। इन प्वाइंट के माध्यम से न सिर्फ घटनाओं को रोकने का काम होगा बल्कि बैंक, कैश वैन, ग्राहक सेवा केंद्रों पर भी निगाह रखी जाएगी। लीड बैंक अफसरों के साथ बैठक कर सभी बैंक शाखाओं में सायरन व सीसीटीवी के साथ अपने स्तर पर भी गार्ड की तैनाती करने को कहा जाएगा।

चार जिलों में अपराध की स्थिति अच्छी
हालांकि मीडिया के सवालों का जवाब देने के दौरान एक बार डीजीपी के मुंह से यह भी निकला कि उन चार जिलों (अमेठी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ व अंबेडकर नगर) में अपराध की स्थिति अच्छी है, जहां के एसपी को आज की बैठक में बुलाया गया था। इन जिलों में होने वाली सभी घटनाओं (एक दो को छोड़कर) का वर्कआउट भी किया जा चुका है।
 
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पुलिस कस्टडी में मौत पर नहीं बोले डीजीपी

- फोटो : अमर उजाला
पिछले दो माह में पुलिस कस्टडी में अमेठी जिले में हुई दो मौतों पर डीजीपी ने चुप्पी साधे रखी। डीजीपी ने न तो मीटिंग में इस बात पर कोई चर्चा की न ही मीडिया को इस बारे में कुछ बताया। और तो और प्रेस कान्फेंस में आगे मौजूद किसी मीडिया कर्मी ने भी इस बाबत कोई सवाल नहीं किया।

अफसरों को दिया सतर्क रहने का निर्देश
शनिवार को चुनिंदा जिलों के वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठक करने पहुंचे डीजीपी ने सभी को सतर्क रहने के निर्देश दिए। डीजीपी ने सबसे पहले बैठक में मौजूद अफसरों के जिले में अपराध की मौजूदा स्थिति व खुलासे की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने सभी जिलों के अफसरों से कहा कि राम जन्मभूमि स्थल पर आने वाले निर्णय के बाद हमें बेहद सतर्क व क्रियाशील रहना होगा।

इसके अलावा अपराधों (विशेषकर महिलाओं से जुड़े अपराध) को रोकने के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने के साथ नए तरीके अपनाने होंगे। डीजीपी ने कहा कि जो अफसर लॉ एंड ऑर्डर को दुरुस्त नहीं रख पाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में एडीजी प्रयागराज, आईजी अयोध्या, चार जिलों (अमेठी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ और अंबेडकर नगर) के एसपी व विशेष अभिसूचना अधिकारी, अयोध्या व प्रयागराज के एसपी एलआईयू तथा अमेठी/सुल्तानपुर के सीओ आईबी मौजूद रहे।
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