अपर मुख्य सचिव श्रम एवं सेवायोजन सुरेश चन्द्रा के मुताबिक सूबे में लगभग में 6 करोड़ 66 लाख असंगठित कर्मकार, श्रमिक हैं। इस श्रेणी में ऐसे सभी श्रमिकों को शामिल किया जाता है जिनकी मजदूरी एक लाख अस्सी हजार रुपये सालाना से कम है।
सरकार की मंशा यह है कि सूबे के साढ़े छह करोड़ से ज्यादा श्रमिकों को एक क्लिक पर सारी सुविधाओं एवं योजनाओं की जानकारी हो जाए। इसके लिए उनका उनका डाटा तैयार करने की कवायद शुरू की गई है। इस साल एक करोड़ श्रमिकों का ऑनलाइन पंजीकरण करने का लक्ष्य तय किया गया है।
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प्रदेश सरकार असंगठित क्षेत्र के कामगारों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास करने की योजना पर काम कर रही है। खास तौर पर सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की योजनाओं का लाभ प्रदान करने की मशक्कत की जा रही है। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीकरण सबसे ज्यादा मुश्किल है। जो कामगार संगठित क्षेत्र में काम कर रहे हैं उनका पंजीकरण तो कारखाना स्वामी अथवा वह संगठन स्वामी आसानी से करा सकते हैं पर जो कामगार असंगठित हैं, उनके पंजीकरण मुश्किल हैं। मसलन, एक श्रमिक कभी किसी स्थान पर काम करता है तो कुछ समय बाद दूसरे स्थान पर। कभी इस शहर में तो कभी दूसरे शहर में। ऐसे ही श्रमिकों को ऑनलाइन जोड़ने के लिए सरकार काम कर रही है।
अपर मुख्य सचिव श्रम एवं सेवायोजन सुरेश चन्द्रा के मुताबिक सूबे में लगभग में 6 करोड़ 66 लाख असंगठित कर्मकार, श्रमिक हैं। इस श्रेणी में ऐसे सभी श्रमिकों को शामिल किया जाता है जिनकी मजदूरी एक लाख अस्सी हजार रुपये सालाना से कम है। ऐसे श्रमिक अपना पंजीकरण सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के पोर्टल पर जन सुविधा केन्द्रों के माध्यम से अथवा स्वयं करा सकते हैं। दरअसल इसी पोर्टल के माध्यम से उन्हें योजनाओं की जानकारी एवं लाभ देने में आसानी होगी। जिन श्रमिकों का अब तक पंजीकरण हो चुका है उन्हें भी इसी पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इस साल एक करोड़ श्रमिकों का पंजीकरण करने का लक्ष्य तय किया गया है।
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हर जिले को लक्ष्य
प्रत्येक जिले को एक लाख 33 हजार 500 श्रमिक पंजीकरण करने का लक्ष्य दिया गया है। सभी ग्राम पंचायतों, पालिकाओं तथा निगम के सदस्यों, अध्यक्षों, विधायकों एवं सांसदों को भी पत्र भेजकर पंजीकरण में सहयोग करने की अपील की गई है।
बजट की कमी नहीं
बोर्ड की योजनाओं में अहम मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना है। इसके लिए फिलहाल 12 करोड़ रुपये दिए गए हैं। मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। बोर्ड की योजनाओं में 45 प्रकार के कार्य करने वाले असंगठित कामगारों का पंजीकरण किया जा रहा था पर अब अब इस श्रेणी में छोटे किसान, खेतीहर मजदूर, बीड़ी बनाने वाले, कागज बनाने वाले तथा गोशालाओं में कार्य करने वाले श्रमिकों का भी पंजीकरण शुरू किया जा रहा है।