बैकुंठधाम में कतार से जलतीं लाशें (फाइल फोटो)
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चुनावी साल में नगर निकायों और में केंद्रीयत और अकेंद्रीयत सेवा के रिक्त पदों पर जल्द भर्ती करने की तैयारी है। हालांकि पहले चरण में रिक्त पदों पर भर्ती मृतक आश्रित कोटे की होगी। खास तौर उन कर्मचारियों के आश्रितों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनकी मौत कोरोना से हुई है। इसके लिए स्थानीय निकाय निदेशालय को दोनों सेवा के सीधी भर्ती वाले रिक्त पदों का ब्योरा जुटाने को कहा गया है। 15 जुलाई तक ब्योरा शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय निकाय निदेशालय की उप निदेशक रश्मि सिंह ने सभी नगर निकायों के नगर आयुक्त व अधिशासी अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश भेजा गया है। निर्देश में केंद्रीयत व अकेंद्रीयत सेवा के सीधी भर्ती वाले रिक्त पदों के अलावा मृतक आश्रित कोटे से होने वाली नियुक्तियों की शेष रह गई संख्या के बारे में भी जानकारी मांगी गई है।
एक उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि मृतक आश्रितों को समायोजित करने के बाद जो रिक्त पद शेष बचेंगे उनपर सीधी भर्ती के लिए अधियाचन उप्र लोक सेवा आयोग और राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि पंचायत चुनाव से इन पदों पर भर्ती में विलंब हुआ है। इसलिए कोशिश यह है कि अगस्त तक जल निगम और नगर निकायों के मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और शेष पदों को भरने के लिए अधियाचन भेज दिया जाए।
जल निगम के आश्रितों को निकायों में नौकरी देने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक नगर निकायों के अलावा जल निगम के मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को भी नगर निकायों में नौकरी देने की तैयारी है। हालांकि तकनीकी और वैधानिक कारणों से जल निगम के मृतक आश्रितों को नगर निकायों में नौकरी देने में अड़चन सामने आएगी। इसलिए यह तय किया गया है कि पहले रिक्तियों की संख्या का ब्योरा जुटाया जाएगा। इसके बाद निकाय और निगम के सभी मृत कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने के लिए प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में रखा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद नियुक्ति की जाएगी।